
लखनऊ/वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, परिवहन और संसदीय कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में वाराणसी को विशेष सौगात मिली है। एक ओर शहर में 500 बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक कामकाजी महिला छात्रावास बनाने का रास्ता साफ हो गया, वहीं वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट में 112 छात्राओं की क्षमता वाले नए छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा मेधावी छात्राओं के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ की एसओपी को मंजूरी, यूपी रोडवेज के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और 3 अगस्त से विधानमंडल का सत्र बुलाने जैसे कई अहम फैसले लिए गए।
वाराणसी को 500 बेड के अत्याधुनिक महिला छात्रावास की सौगात
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत वाराणसी में 500 क्षमता वाले आधुनिक महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह छात्रावास कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश सरकार के बजट में सात ऐसे छात्रावास बनाने का प्रावधान किया गया था। झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर के बाद अब वाराणसी के लिए भी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। छात्रावास का निर्माण पूरी तरह राज्य सरकार के वित्त पोषण से होगा और इसका संचालन महिला कल्याण विभाग ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ मॉडल पर करेगा। इससे निजी और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध होगा और उनके रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
वसंत महिला महाविद्यालय में बनेगा नया छात्रावास
कैबिनेट ने वाराणसी स्थित वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट में 112 छात्राओं की क्षमता वाले नए छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी दी। इस परियोजना पर 248.30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि 112 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहे इस प्रतिष्ठित संस्थान में अभी तक केवल एक छात्रावास है, जिसमें 220 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए छात्रावास की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नए भवन के बनने से दूरदराज के जिलों से आने वाली छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी और उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
250 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने को मंजूरी
प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दे दी है।
इन बसों की खरीद पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी, जबकि शेष 25.50 करोड़ रुपये यूपीएसआरटीसी अपने संसाधनों से वहन करेगा।
नई बसों में 100 बसें 12 मीटर लंबी, 50 सीट क्षमता वाली (3×2 टाइप-II) होंगी, जबकि 150 बसें 12 मीटर लंबी, 41 सीट क्षमता वाली (2×2 टाइप-III) होंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बसों की खरीद में उत्तर प्रदेश के निर्माताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
एनसीआर के पर्यावरण मानकों का होगा पालन
सरकार का यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लागू होने वाले पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 1 नवंबर 2026 से सीएक्यूएम (Commission for Air Quality Management) के निर्देशों के अनुसार दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 श्रेणी के वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी।
नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से यूपी रोडवेज एनसीआर के इन मानकों का आसानी से पालन कर सकेगा। साथ ही डीजल बसों पर निर्भरता कम होगी, वायु प्रदूषण घटेगा और यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित तथा आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी।
रोजगार के भी खुलेंगे नए अवसर
सरकार का मानना है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से चालकों, परिचालकों, तकनीकी कर्मचारियों, चार्जिंग स्टेशन संचालन और रखरखाव से जुड़े हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा बस अड्डों, ढाबों, रेस्टोरेंट और अन्य यात्री सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।
मेधावी छात्राओं को मिलेगी ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी’
महिला सशक्तीकरण और बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी दे दी है।
योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली उत्तर प्रदेश की मूल निवासी टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी प्रदान की जाएगी। पात्र छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और सर्विस नेटवर्क की बेहतर उपलब्धता को देखते हुए पेट्रोल स्कूटी देने का निर्णय लिया है। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से होगी। प्रत्येक स्कूटी के साथ पंजीकरण, व्यापक बीमा, आईएसआई प्रमाणित हेलमेट, चार लीटर पेट्रोल और आवश्यक एक्सेसरीज भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इस योजना से छात्राओं की कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंच आसान होगी, ड्रॉपआउट दर घटेगी और उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी।
3 अगस्त से शुरू होगा विधानमंडल का सत्र
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों का वर्ष 2026 का तृतीय सत्र 3 अगस्त 2026 से बुलाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक तथा अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद-174 के अनुसार दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता, इसलिए संवैधानिक व्यवस्था के तहत यह सत्र बुलाया जा रहा है।
विकास, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर सरकार का फोकस
मंगलवार को लिए गए कैबिनेट के फैसले स्पष्ट संकेत देते हैं कि योगी सरकार शिक्षा, महिला सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण, आधुनिक परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन पर समान रूप से जोर दे रही है। वाराणसी को मिले दो नए छात्रावास, मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी योजना, 250 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और विधानमंडल का आगामी सत्र प्रदेश के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण निर्णय माने जा रहे हैं। इन योजनाओं के लागू होने से न केवल छात्रों, महिलाओं और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
