QR कोड से कैश लेने आया साइबर ठग चढ़ा पुलिस के हत्थे, 85 हजार की ऑनलाइन ठगी का खुलासा

वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी के गोमती जोन अंतर्गत बड़ागांव थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने ऑनलाइन ठगी से जुड़े एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार भरतपुर निवासी साइबर कैफे संचालक रिकी रोशन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खाते में 15,300 रुपये की संदिग्ध धनराशि आने के बाद बैंक ने खाता होल्ड कर दिया। जांच में पता चला कि एक अज्ञात व्यक्ति ने क्यूआर कोड के जरिए पैसा भेजकर बदले में नकद राशि ली थी।

21 जुलाई को वही व्यक्ति दोबारा साइबर कैफे पहुंचा और क्यूआर कोड से रकम भेजकर नकद लेने लगा। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर संचालक ने शोर मचा दिया। स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि उसके दो साथी भाग निकले।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी आलोक सिंह (40), निवासी गोपालापुर, थाना रामपुर, जनपद जौनपुर ने बताया कि वह अपने साथियों हेमंत सिंह और सतीश सिंह के साथ मिलकर ऑनलाइन सोना और नोटों की गड्डियां दिखाकर लोगों को झांसे में लेते थे और ऑनलाइन व नकद ठगी करते थे। जांच में सामने आया कि साइबर कैफे में भेजी गई रकम एक पीड़ित से ऑनलाइन सोना दिखाकर की गई 85 हजार रुपये की ठगी से जुड़ी थी।

इस मामले में थाना बड़ागांव में मु0अ0सं0 286/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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