वाराणसी। शहर के घने व्यावसायिक इलाके हड़हा में सीवर लाइन के ऊपर किए गए कथित अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम और जलकल विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। नावेद कॉम्प्लेक्स के भवन स्वामी को जलकल विभाग ने नोटिस जारी कर सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समय में निर्माण स्वयं नहीं हटाया गया तो नगर निगम और जलकल विभाग नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
जलकल विभाग के कोतवाली जोन-4 के अधिशासी अभियंता ने आदिविशेश्वर वार्ड-69 के हड़हा स्थित भवन संख्या सी.के.48/82 (नावेद कॉम्प्लेक्स) के स्वामी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में सीवर लाइन के ऊपर बने अवैध और पक्के निर्माण को अपने खर्च पर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय जांच और स्थलीय निरीक्षण में सामने आया कि कॉम्प्लेक्स के नीचे से जलकल विभाग की पुरानी गहरी सीवर लाइन गुजर रही है। यह लाइन राम सिंह अखाड़ा होते हुए दशाश्वमेध जोनल कार्यालय परिसर के मुख्य चैंबर से जुड़ती है। विभाग के अनुसार, सीवर लाइन के ठीक ऊपर बिना सक्षम अनुमति के पक्का निर्माण कर दिया गया, जिसके कारण लाइन पूरी तरह बाधित हो गई।
सीवर लाइन चोक होने का असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ रहा है। हड़हा, दालमंडी, काशीपुरा और पियरी में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या गंभीर होने की बात विभाग ने कही है।
जलकल विभाग के महाप्रबंधक अनूप सिंह के अनुसार, सीवर लाइन पर निर्माण करना संबंधित कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। विभाग ने उप्र जल संभरण एवं सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975 की धारा 77 तथा उ.प्र. नगर निगम अधिनियम 1959 की संबंधित धाराओं का हवाला दिया है।
अधिशासी अभियंता ने साफ कहा है कि सात दिनों के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो नगर निगम और जलकल विभाग खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित भवन स्वामी से वसूला जाएगा।
