गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी का संदेश, बोले: गुरु का सम्मान ही विकसित प्रदेश और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति

लखनऊ। गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई 2026) के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को साक्षात् परम ब्रह्म माना गया है और गुरु पूर्णिमा गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं सम्मान प्रकट करने का पावन पर्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व महर्षि वेदव्यास की स्मृति में ‘व्यास पूर्णिमा’ के रूप में मनाया जाता है। वहीं बौद्ध, जैन और सिख परंपराओं में भी गुरु का सर्वोच्च स्थान है। उन्होंने प्रभु श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और नचिकेता के उदाहरण देते हुए कहा कि गुरु का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है और सत्य के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में शिक्षकों के सम्मान और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पारदर्शी भर्ती, आधुनिक डिजिटल संसाधन, समयबद्ध सेवा-सुविधाएं और क्षमता संवर्धन के माध्यम से शिक्षकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों को भी योजना से जोड़ा गया है और जल्द ही 2.50 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करें, उनके आदर्शों को जीवन में अपनाएं और ज्ञान, संस्कार व राष्ट्र निर्माण की इस महान परंपरा को आगे बढ़ाएं।

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