बारिश के बाद बनारस में ठंड की दस्तक! कोहरे की चादर में लिपटा कैंट स्टेशन, 50 मीटर दूर तक दिखना हुआ मुश्किल

वाराणसी (काशीवार्ता)। बनारस वालों! अब एसी बंद कर दीजिए और बक्से में रखे कंबल, स्वेटर और जैकेट बाहर निकाल लीजिए। दो दिनों पहले हुई झमाझम बारिश के बाद काशी के मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सोमवार, 2 नवंबर की सुबह ठंड के साथ घने कोहरे ने दस्तक देकर सर्दियों के आगमन का एहसास करा दिया। सुबह का नजारा ऐसा था कि वाराणसी का कैंट रेलवे स्टेशन सफेद कोहरे की चादर में पूरी तरह लिपटा नजर आया।

सुबह-सुबह कैंट स्टेशन पहुंचे यात्रियों को कोहरे की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दृश्यता इतनी कम थी कि करीब 50 मीटर की दूरी पर खड़ी ट्रेन भी ठीक से दिखाई नहीं दे रही थी। प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्री अपनी ट्रेनों का इंतजार करते रहे, वहीं ट्रेनों की हेडलाइट भी घने कोहरे को चीरने में बेअसर नजर आई।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, कोहरे के कारण अप और डाउन रूट की कई ट्रेनें करीब एक से दो घंटे की देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं। सुबह ड्यूटी और जरूरी काम से घरों से निकले लोगों को भी सड़कों पर कम दृश्यता के कारण परेशानी उठानी पड़ी।

दरअसल, मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे दो दिन पहले हुई बेमौसम बारिश को प्रमुख वजह माना जा रहा है। शनिवार रात करीब 11 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश देर रात तक जारी रही। मौसम में नमी बढ़ने और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट महसूस की गई। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुई बारिश के बाद अब ठंड का असर भी साफ दिखाई देने लगा है।

उधर, मौसम के इस बदले मिजाज का असर बनारस की सुबह की रौनक पर भी दिखा। गोदौलिया, लंका, कैंट और चौक जैसे इलाकों में चाय और पकौड़ी की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आने लगी। गर्मागर्म चाय की चुस्कियों के बीच लोग मौसम का आनंद लेते दिखाई दिए।

कुल मिलाकर काशी में अब गुलाबी ठंड ने धीरे-धीरे सर्द मौसम का रूप लेना शुरू कर दिया है। ऐसे में बनारसियों के लिए संदेश साफ है, अलमारी से गर्म कपड़े निकाल लीजिए, क्योंकि मौसम का मिजाज अब बदल चुका है।

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