
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा के विराट संगम की साक्षी बनने जा रही है। 29 जुलाई को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देश ही नहीं, दुनिया के करीब दो दर्जन देशों से हजारों श्रद्धालु अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेने वाराणसी पहुंचेंगे। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, नीदरलैंड, फ्रांस, कनाडा, नेपाल और श्रीलंका सहित कई देशों से आने वाले शिष्यों ने आश्रमों और मठों को अपनी यात्रा की सूचना भेज दी है।
गुरु पूर्णिमा को लेकर काशी के प्रमुख आश्रमों, मठों और मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की विशेष व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, महाप्रसाद (भंडारा) और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है। भजन, कीर्तन, सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए बड़े सभागारों की रंगाई-पुताई और आकर्षक सजावट भी अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि गुरु पूर्णिमा से एक दिन पहले ही अधिकांश आश्रम श्रद्धालुओं से भर जाएंगे।
