काशी में गंगा का रौद्र रूप, 69.52 मीटर पहुंचा जलस्तर

खतरे के निशान से 1.74 मीटर दूर गंगा, 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी; 144 लोग विस्थापित

वाराणसी। काशी में गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार रात आठ बजे राजघाट पर गंगा का जलस्तर 69.52 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक पानी 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है। ऐसे में गंगा चेतावनी बिंदु से महज 74 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।

जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के फ्लड डेली बुलेटिन के अनुसार सरैया, सलारपुर और नख्खीघाट के तीन वार्ड/मोहल्ले प्रभावित हैं। बाढ़ के चलते अब तक 31 परिवारों के 144 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।

तीन राहत शिविरों में 75 लोग

प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए तीन राहत शिविर सक्रिय किए हैं। प्राथमिक विद्यालय सलारपुर, प्राथमिक विद्यालय सरैया और सिटी गर्ल्स स्कूल बड़ी बाजार में बनाए गए राहत शिविरों में कुल 75 लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें 22 पुरुष, 24 महिलाएं, 25 बच्चे, दो गर्भवती महिलाएं और दो बुजुर्ग शामिल हैं।

छह नाव और एनडीआरएफ टीम तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए छह नावों और एक एनडीआरएफ टीम को तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को 28 फ्लड राहत किट, 110 लंच पैकेट, 30 फल पैकेट और 25 दूध पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा ओआरएस और क्लोरीन टैबलेट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

फिलहाल बाढ़ से किसी किसान, फसल या कृषि क्षेत्र को नुकसान दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है।

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