दुबई में बैठा ‘कोडीन किंग’, यूपी में फैलाया नशे का जाल!

जहरीले कफ सिरप रैकेट में 8 और बड़े डिस्ट्रीब्यूटर आरोपी, गैंग में अब 32 नाम

वाराणसी का शुभम जायसवाल बना STF की सबसे बड़ी चुनौती, सिर पर एक लाख का इनाम

वाराणसी। (काशीवार्ता)। कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का नेटवर्क यूपी में लगातार पैर पसारता जा रहा है। नशे के इस काले कारोबार की जांच कर रही यूपी एसटीएफ ने रैकेट से जुड़े आठ और बड़े डिस्ट्रीब्यूटरों के नाम सामने आने के बाद उन्हें भी आरोपी बनाया है। इसके साथ ही पूरे गैंग में आरोपियों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।

इस पूरे नेटवर्क का कथित सरगना वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल बताया जा रहा है। पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। उसके दो सहयोगी वरुण सिंह और गौरव जायसवाल भी उसके साथ दुबई में छिपे बताए जा रहे हैं। तीनों को इसी साल जून में भगोड़ा घोषित किया गया था।

वाराणसी का सरगना, फिर भी पुलिस की पकड़ से दूर

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस रैकेट का कथित सरगना वाराणसी का रहने वाला है, वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर कैसे है। इनाम घोषित होने और लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद शुभम जायसवाल के दुबई में होने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि वहां से वह यूपी में बैठे अपने नेटवर्क के जरिए नशे की खेप को आगे बढ़वा रहा है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क यूपी से नेपाल और फिर बांग्लादेश तथा खाड़ी देशों तक कोडीन युक्त कफ सिरप की खेप पहुंचाने में सक्रिय रहा है। यही वजह है कि मामला अब सिर्फ स्थानीय तस्करी तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का रूप ले चुका है।

8 नए नामों से मचा हड़कंप

एसटीएफ की जांच में विभोर राणा, सचिन कुमार, अभिषेक शर्मा, विशाल सिंह, बिट्टू कुमार, शुभम शर्मा, प्रशांत उपाध्याय, प्रशांत कुमार और आकाश कुमार शर्मा समेत कई बड़े सप्लायरों की भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसी इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

एसटीएफ अब तक 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं, फरार चल रहे 8 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

दुबई से चलता रहा नशे का खेल!

कोडीन युक्त कफ सिरप का यह कारोबार किस स्तर तक फैल चुका है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जांच में कई बड़े डिस्ट्रीब्यूटरों और सप्लायरों के नाम सामने आ चुके हैं। अब एजेंसियों की नजर इस नेटवर्क के फाइनेंसर, सप्लाई चैन और विदेशों तक जुड़े संपर्कों पर है।

सबसे अहम चुनौती फिलहाल कथित सरगना शुभम जायसवाल तक पहुंचना है। एक लाख के इनाम और लुकआउट नोटिस के बावजूद उसके विदेश में छिपे होने के दावे ने वाराणसी पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, आरोपी के संबंध में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में ही होगी।

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