
सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन, कर्मचारी संगठनों और महिला कर्मचारियों से भी की सीधी बातचीत, मांगों पर दिया सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा
वाराणसी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) पहुंचे तो उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। औपचारिक बैठकों और प्रोटोकॉल से इतर रेल मंत्री सीधे कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उनके साथ कैंटीन में बैठकर दोपहर का भोजन किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से न केवल उनका हालचाल जाना, बल्कि कार्यस्थल की सुविधाओं, खानपान की व्यवस्था और कामकाज से जुड़े अनुभवों पर भी खुलकर बातचीत की।

बरेका दौरे की शुरुआत रेल मंत्री ने प्रशासनिक भवन स्थित स्वागती हॉल में भारत रत्न एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की। उन्होंने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता और एकीकरण के लिए उनका योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा।

दौरे का सबसे खास पल कर्मचारी कैंटीन में देखने को मिला। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कर्मचारियों के साथ एक ही स्थान पर बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने सहज अंदाज में कर्मचारियों से संवाद किया और कैंटीन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, सुविधाओं तथा उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। रेल मंत्री को अपने बीच बैठकर भोजन करते देख कर्मचारियों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।

इसके बाद उन्होंने बरेका के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बरेका कर्मचारी परिषद, एससी/एसटी एसोसिएशन, बीएलडब्ल्यू मजदूर संघ और मेंस कांग्रेस ऑफ बीएलडब्ल्यू के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं, मांगें और सुझाव रेल मंत्री के सामने रखे। संगठनों की ओर से मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपे गए। रेल मंत्री ने सभी की बातें गंभीरता से सुनीं और उचित सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
महिला कर्मचारियों से संवाद के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल, बेहतर सुविधाओं और रेलवे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर चर्चा की। उन्होंने रेलवे के विकास में महिला कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार, बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत, प्रमुख विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव प्रदीप यादव, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
रेल मंत्री का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कर्मचारियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और उनसे सीधा जुड़ाव बनाने के अंदाज ने बरेका परिसर में खास चर्चा बटोरी।
