बरेका में POH नहीं, अब बनें आधुनिक लोको! रेलवे बोर्ड से 70% बोनस की भी मांग, कर्मचारियों ने उठाया बड़ा मुद्दा

वाराणसी। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बरेका) के भविष्य, उत्पादन क्षमता और कर्मचारियों के हितों को लेकर कर्मचारी परिषद ने रेलवे बोर्ड के सामने दो महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार समेत बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से बरेका में पीरियॉडिक ओवर हॉलिंग (POH) जैसे शेड आधारित कार्यों के स्थान पर आधुनिक लोको निर्माण का काम बढ़ाने और वर्ष 2026-27 में 70 प्रतिशत प्रोत्साहन बोनस लागू करने का आग्रह किया।

कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव प्रदीप यादव, सदस्य नवीन सिन्हा और सुशील सिंह ने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के समक्ष कहा कि बरेका के पास आधुनिक मशीनरी, तकनीकी विशेषज्ञता और कुशल कर्मचारियों की बड़ी क्षमता मौजूद है। ऐसे में इस संसाधन का इस्तेमाल शेड आधारित कार्यों के बजाय आधुनिक और नई तकनीक वाले लोको निर्माण में किया जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने बरेका में वंदे भारत, हाई स्पीड ट्रेन, इलेक्ट्रिक लोको, पुश-पुल लोको तथा गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए लोको निर्माण का पर्याप्त और नियमित कार्य देने की मांग की। परिषद का कहना है कि इससे बरेका की उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग होगा और संस्थान आधुनिक रेल उत्पादन के क्षेत्र में अपनी भूमिका और मजबूत कर सकेगा।

70% प्रोत्साहन बोनस तत्काल लागू करने की मांग

कर्मचारी हितों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2026-27 में 70 प्रतिशत प्रोत्साहन बोनस की सीमा तत्काल लागू करने की मांग भी रेलवे बोर्ड के सामने रखी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बरेका कर्मचारी लगातार उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मेहनत, तकनीकी दक्षता और समर्पण के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में उनके योगदान को देखते हुए प्रोत्साहन बोनस को जल्द लागू किया जाना चाहिए।

प्रदीप यादव, नवीन सिन्हा और सुशील सिंह ने कहा कि बरेका के भविष्य और कर्मचारियों के हित दोनों को मजबूत करने के लिए आधुनिक लोको उत्पादन बढ़ाना जरूरी है। उनका कहना है कि बरेका की मशीनरी और कर्मचारियों की दक्षता का पूरा लाभ तभी लिया जा सकता है, जब यहां उच्च तकनीक वाले लोको निर्माण के पर्याप्त कार्य लगातार उपलब्ध हों।

प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष सतीश कुमार से दोनों मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया। अब कर्मचारियों की नजर रेलवे बोर्ड के अगले कदम पर है।

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