इस्तीफों की मांग पर मनोज तिवारी का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ देख रहा विपक्ष!

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने गृह मंत्री, प्रधानमंत्री, धर्मेंद्र प्रधान और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP और विपक्षी दलों पर तीखा पलटवार किया है। विपक्ष की मांगों को खारिज करते हुए उन्होंने इसे ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ करार दिया। तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को सपने देखने की आजादी है, लेकिन विपक्ष की मांगों में कोई दम नहीं है।

मनोज तिवारी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह देश के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की राजनीति का मकसद देश को अराजकता की आग में झोंकना है। उनके मुताबिक, देश की जनता सब कुछ देख रही है और इस तरह की राजनीति से देश की प्रगति रुकने वाली नहीं है।

NEET पेपर लीक का जिक्र कर विपक्ष को घेरा

NEET पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि इस घटना से पूरा देश दुखी था। छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर चिंता स्वाभाविक थी, लेकिन उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मामले को लेकर अब देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। तिवारी ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर देश का माहौल खराब करना उचित नहीं है।

ज्ञानेश कुमार के बचाव में मनोज तिवारी ने उठाए सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मनोज तिवारी ने उनका बचाव किया। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर चुनावी प्रक्रिया को लेकर आज सवाल उठाए जा रहे हैं, तो क्या वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ महाराष्ट्र चुनाव में मिली जीत के समय भी ज्ञानेश कुमार ही चुनाव अधिकारी थे?

तिवारी के इस सवाल के जरिए भाजपा ने विपक्ष के चुनावी आरोपों पर पलटवार करते हुए उसकी मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने विपक्ष की इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की मांगों से देश की विकास यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

2047 तक विकसित भारत बनाने का दावा

भाजपा सांसद ने जोर देकर कहा कि राजनीतिक विरोध और आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद भारत अपनी तेज गति से आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

मनोज तिवारी के इस बयान से सियासी बहस तेज होने के संकेत हैं। एक ओर विपक्ष इस्तीफों की मांग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष की राजनीति पर निशाना साध रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।

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