वाराणसी में चाइनीज मांझे का खूनी कहर! बाइक सवार का हाथ कटा, सड़क पर बिखरा खून

वाराणसी। प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी चपेट में आकर एक बार फिर बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। महमूरगंज-मंडुवाडीह आरओबी पर सड़क पर लटक रहे चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 45 वर्षीय लाल बाबू यादव का हाथ कट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, लाल बाबू यादव शक्तिपुरम कॉलोनी, भीटारी में जेलर साहब के मकान के पास रहते हैं। बताया जा रहा है कि वह महमूरगंज स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद बाइक से मंडुवाडीह की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जब वह महमूरगंज-मंडुवाडीह आरओबी पर पहुंचे, तभी सड़क पर लटक रहा चाइनीज मांझा अचानक उनके हाथ में फंस गया।

मांझे की तेज धार के कारण उनका हाथ कट गया और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। अचानक हुए इस हादसे को देखकर आसपास से गुजर रहे राहगीर मौके पर जुट गए। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल लाल बाबू यादव को मंडुवाडीह स्थित शांडिल्य हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।

प्रतिबंध के बावजूद कैसे बिक रहा चाइनीज मांझा?

इस घटना ने एक बार फिर चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित मांझे की धार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सड़क पर लटकता मांझा दोपहिया वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने, दुकानों की जांच करने और ऐसे मांझे का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

अब सवाल यह है कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा लोगों की जान और सुरक्षा के लिए खतरा क्यों बना हुआ है? क्या प्रशासन इस पर प्रभावी कार्रवाई करेगा, ताकि किसी और को इस तरह के दर्दनाक हादसे का शिकार न होना पड़े?

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