रेणुकूट। श्रद्धा, भक्ति और आस्था के संगम के बीच रेणुकूट के हिण्डाल्को रामलीला मैदान में रविवार को ऐतिहासिक रामलीला मंचन का भव्य शुभारंभ हुआ। 61 वर्षों से निरंतर चली आ रही इस गौरवशाली परंपरा के पहले दिन नारद मोह, मनु-शतरूपा की तपस्या और रावण को चंद्रहास तलवार प्राप्त होने जैसे प्रसंगों का शानदार मंचन किया गया। करीब 250 कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं हजारों रामलीला प्रेमी भक्ति के रंग में सराबोर नजर आए।

गणेश पूजन और श्रीरामचरितमानस की आरती से हुआ शुभारंभ
हिण्डाल्को रामलीला परिषद की ओर से आयोजित इस भव्य आयोजन का शुभारंभ हिण्डाल्को रेणुकूट के मुखिया समीर नायक, मानव संसाधन प्रमुख जसबीर सिंह और उनकी धर्मपत्नी सीमा सिंह ने विधिवत श्री गणेश पूजन एवं श्रीरामचरितमानस पूजन के साथ किया।
इस अवसर पर प्रोजेक्ट हेड राजेश कपूर, रिडक्शन प्लांट हेड जयेश पवार, सेफ्टी हेड जयश्री तिवारी, जनसंपर्क विभाग प्रमुख यशवंत कुमार, सुरक्षा विभाग प्रमुख करनदीप सिंह तथा रामलीला परिषद के अध्यक्ष पी.के. उपाध्याय, सचिव आदित्य प्रकाश पाण्डेय और कोषाध्यक्ष पद्माकर मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने पूजन और आरती कर रामलीला महोत्सव के सफल आयोजन की कामना की।
समीर नायक ने बताया भगवान श्रीराम के आदर्शों का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि समीर नायक ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्यनिष्ठा, त्याग और लोककल्याण का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को संस्कार, नैतिकता और कर्तव्यबोध की सीख देने वाली अमूल्य धरोहर है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए समाज में सुख, समृद्धि और आपसी सद्भाव की कामना की।
वहीं, मानव संसाधन प्रमुख जसबीर सिंह ने नवरात्रि एवं रामलीला महोत्सव की बधाई देते हुए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रामलीला देखने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
नारद मोह से लेकर रावण को चंद्रहास मिलने तक का रोमांचक मंचन
रामलीला के पहले दिन मंच पर पौराणिक प्रसंगों की ऐसी जीवंत प्रस्तुति हुई कि दर्शक भावविभोर हो उठे। करीब 250 कलाकारों ने एक साथ मंच पर उतरकर भव्यता और जीवंतता का अनूठा उदाहरण पेश किया।
प्रथम दिवस की प्रमुख लीलाओं में नारद मोह, मनु-शतरूपा की घोर तपस्या और भगवान नारायण से पुत्र रूप में अवतार का वरदान प्राप्त करने के प्रसंगों का मंचन किया गया। इसके साथ ही रावण द्वारा भगवान शिव से चंद्रहास तलवार प्राप्त करने की लीला ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
कलाकारों के अभिनय, संवाद और मंचीय प्रस्तुति ने रामायण के इन प्रसंगों को जीवंत कर दिया। मैदान में उपस्थित हजारों रामलीला प्रेमियों ने तालियों और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
दूसरे दिन होगा राम जन्म, अहिल्या उद्धार और जनकपुर भ्रमण
प्रथम दिवस की लीलाओं के समापन पर रामलीला परिषद के अध्यक्ष पी.के. उपाध्याय ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रामलीला के दूसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्म, सीता उत्पत्ति, राम-लक्ष्मण द्वारा महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा, अहिल्या उद्धार और राम-लक्ष्मण के जनकपुर भ्रमण जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
हिण्डाल्को रामलीला परिषद की 61 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बनी हुई है। पहले दिन की शानदार प्रस्तुतियों ने आगामी मंचनों को लेकर दर्शकों में उत्साह और उत्सुकता बढ़ा दी है।
