
वाराणसी। काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग की शुक्रवार सुबह 8 बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 68.74 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है। जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
जलस्तर बढ़ने से गंगा और वरुणा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई घाटों पर पानी ऊपर तक पहुंच गया है। राजेंद्र प्रसाद घाट की फर्श के ऊपर तक पानी पहुंच गया है, जबकि दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस कार्यालय तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं। ड्रोन कैमरों से संवेदनशील इलाकों और घाटों की निगरानी की जा रही है। जल पुलिस प्रभारी सुधीर त्रिपाठी के अनुसार, एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें नावों के जरिए घाटों पर लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं। लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर होने वाली धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट करते हुए जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
