मुख्यमंत्री ने कहा- गिरगिट की तरह रंग बदलती है सपा, इनके पीडीए का पी पिछड़ा से पंडित हो गया और एक दिन पाकिस्तान कर देंगे

‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम योगी, पूर्व सीएम कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

सपा के लोग कब क्या बोलें, कोई भरोसा नहीं, ये ऐसे गिद्ध हैं जिस पेड़ पर चढ़ेंगे उसको ही सुखा डालेंगे: सीएम योगी

मायावती ने बाबूजी को श्रद्धांजलि दी, किंतु सपा मुखिया के मुंह से दो शब्द भी नहीं निकले: मुख्यमंत्री

सीएम ने सुनाया ‘बाबूजी’ का किस्सा- ‘कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता’

लखनऊ, 21 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले पार्टी के लोग पीडीए को कैसे परिभाषित करते हैं, कभी इनका पी पिछड़ा था, फिर पंडित हो गया। देखना एक दिन ये लोग पी से पाकिस्तान कर देंगे। इनके बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ये कब क्या बोलेंगे, कोई भरोसा नहीं। ये ऐसे गिद्ध हैं कि जिस पेड़ पर चढ़ेंगे, उसको ही सुखा डालेंगे। सबसे कष्टकारी बात यह थी कि सामान्य शिष्टाचार व संस्कार के तहत मायावती ने आकर बाबूजी को श्रद्धांजलि दी, लेकिन सपा मुखिया ने प्रत्यक्ष आकर श्रद्धांजलि देना तो दूर, शब्दों से भी कुछ व्यक्त नहीं किया। यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण, कितना शर्मनाक है। यह हर उस हिंदू का अपमान था, जिसे लगता है कि बाबूजी का जीवन सनातन मूल्यों और हिंदू गौरव के लिए समर्पित था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में पूर्व मुख्यमंत्री पद्म विभूषण कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान-हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे पद्म विभूषण कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पांचवीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर अपनी श्रद्धांजलि दी।

‘कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता’
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी दबाव में आकर काम करने वाले व्यक्ति नहीं थे। वह कहा करते थे, कल्याण सिंह टूट सकता है लेकिन झुक नहीं सकता। बाबूजी ने जीवनभर अपने इस वचन को निभाया। जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा था कि संघर्ष स्वीकार्य है, सत्ता दूर हो जाए यह भी स्वीकार है, लेकिन अपने प्रभु श्रीराम का अपमान स्वीकार्य नहीं। आज जब हम लोग अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण और रामलला का विराजमान होना देखते हैं तो बाबूजी की स्मृति सहसा अंतःकरण में उठती है। संतों के संघर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन और विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में चले राम जन्मभूमि आंदोलन का कल्याण सिंह जी ने खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सत्ता गंवाई, लेकिन दो-टूक कहा कि रामभक्तों पर गोली नहीं चलेगी।

समाजवादी पार्टी पर महापुरुषों के नाम हटाने का आरोप

सीएम योगी ने कहा कि बाबूजी ने मूल्यों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, यही उनकी पहचान थी। सपा नेतृत्व ने सिर्फ बाबूजी के निधन के समय अपमान नहीं किया, महापुरुषों का अपमान उसकी आदत है। कन्नौज से समाजवादी पार्टी का रिश्ता रहा है, लेकिन वहां डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने सरकारी मेडिकल कॉलेज से सपा मुखिया ने बाबा साहेब का नाम हटा दिया। हमारी सरकार में इसे फिर से बाबा साहेब के नाम पर किया गया। मैनपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर एक कॉलेज बना था, लेकिन सपा ने उनका नाम भी मिटा दिया। भाजपा सरकार ने औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया।

भारत के सनातन मूल्य एवं आदर्श सर्वोपरि
सीएम योगी ने कहा कि श्रद्धेय कल्याण सिंह का जीवन हर उस भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसके लिए देश प्रथम है। भारत के सनातन मूल्य एवं आदर्श सर्वोपरि हैं। आज का दिन हम सभी के लिए हिंदू गौरव दिवस के रूप में श्रद्धेय बाबूजी की स्मृतियों को प्रेरणा के रूप में आत्मसात करने का दिन है। बड़ा आदमी पद से बड़ा नहीं होता है, वह अपनी सोच से, अपने कर्मों से बड़ा होता है और महान होता है। अतरौली के सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले कल्याण सिंह जी अपनी कर्मठता, मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति अडिग रहने की भावना तथा देश के प्रति समर्पण के कारण आगे बढ़े। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में तपे स्वयंसेवक के रूप में कल्याण सिंह जी ने किसान, शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल के रूप में सभी महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। बाबूजी का जीवन सादगी, तप, साधना और संघर्ष से भरा हुआ था। वह अन्याय के खिलाफ लड़ने और अत्याचार का मुकाबला करने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने सनातन मूल्यों की रक्षा करते हुए गांव के गरीबों, अन्नदाता किसानों, युवाओं और समाज के प्रत्येक तबके के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया।

पीएम मोदी जी कार्यक्रम छोड़कर श्रद्धांजलि अर्पित करने आए
मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय कल्याण सिंह के निधन के बाद समाजवादी पार्टी के रवैये को लेकर सपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाबूजी भाजपा के नेता थे और सभी के लिए प्रेरणास्रोत थे। उनके निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सारे कार्यक्रम छोड़कर दिल्ली से सीधे लखनऊ आए और श्रद्धांजलि अर्पित की। एसजीपीजीआई से लेकर घर तक, घर से अलीगढ़ और अलीगढ़ से नरौरा तक अंतिम संस्कार में वह और उनके कैबिनेट के सभी सदस्य शामिल हुए। लेकिन, सपा मुखिया ने इसमें शामिल होना तो दूर, मुंह से श्रृद्धांजलि के दो शब्द नहीं बोले।

बाबूजी ने यूपी को दी पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी ने उत्तर प्रदेश को एक पहचान दी। उन्होंने युवाओं के सामने पहचान का संकट पैदा करने वाली राजनीति के खिलाफ बेहतर माहौल देने का काम किया। युवाओं के लिए नई सोच और नया मंत्र दिया। आज उत्तर प्रदेश के पहले कैंसर संस्थान में बाबूजी की दिव्य प्रतिमा और उनके नामकरण को देखा जा सकता है। बुलंदशहर में डबल इंजन की भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए राजकीय मेडिकल कॉलेज का नामकरण भी बाबूजी के नाम पर किया गया है। श्रद्धेय कल्याण सिंह ने सनातन मूल्यों की रक्षा करते हुए अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर गुलामी के ढांचे को पूरी तरह समाप्त करके श्रीराम मंदिर का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसे बाबूजी के प्रति श्रद्धावान होना सनातन धर्मावलंबियों का दायित्व है। बाबूजी की स्मृतियों को जीवित रखने और इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए सभी को काम करना होगा। उन्होंने राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ और संदीप सिंह का भी धन्यवाद दिया कि वे इस परंपरा को लगातार जीवित रखने और आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, सांसद साक्षी महाराज, राज्यसभा सांसद बृजलाल, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, श्रद्धेय कल्याण सिंह के सुपौत्र व मंत्री संदीप सिंह, मंत्री राकेश सचान, मंत्री असीम अरुण, मंत्री जेपीएस राठौर, बाबूजी के पुत्र व पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’, मंत्री रजनी तिवारी, मंत्री डॉ. संजय निषाद, मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना, मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, मंत्री धर्मवीर प्रजापति, भाजपा उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह, विधायक योगेश शुक्ला आदि मौजूद रहे।

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