30 दिन इंतजार के बाद खुला ठगी का राज, रकम पहुंची दूसरे UPI खाते में; पीड़ित बोला- थैंक्यू लंका पुलिस
वाराणसी। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) बनवाने के चक्कर में डाफी निवासी आशुतोष कुमार त्रिपाठी साइबर ठगों के जाल में फंस गए। इंटरनेट पर आधिकारिक जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट पर भरोसा करना उन्हें भारी पड़ गया। वेबसाइट पर दिए गए QR कोड को स्कैन कर जैसे ही उन्होंने PhonePe से भुगतान किया, खाते से 899 रुपये कट गए। इसके बाद न तो HSRP नंबर प्लेट मिली और न ही आवेदन का कोई लाभ। करीब 30 दिन तक इंतजार करने के बाद जब सच्चाई सामने आई तो पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। अब लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक QR स्कैन और खाते से निकल गए ₹899
मामला 17 फरवरी 2026 का है। आशुतोष अपनी बाइक के लिए HSRP बुक कराने के लिए इंटरनेट पर वेबसाइट तलाश रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक ऐसी वेबसाइट मिली, जो देखने में संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लग रही थी। वेबसाइट पर भरोसा करते हुए उन्होंने आवेदन की प्रक्रिया शुरू की।
भुगतान के लिए वेबसाइट पर दिए गए QR कोड को PhonePe से स्कैन किया। भुगतान करते ही उनके खाते से 899 रुपये कट गए। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही HSRP नंबर प्लेट मिल जाएगी, लेकिन दिन गुजरते गए और प्लेट नहीं पहुंची।
30 दिन बाद खुला फर्जी वेबसाइट का राज
करीब 30 दिन इंतजार करने के बाद आशुतोष को शक हुआ। उन्होंने लेन-देन की जानकारी खंगाली तो पता चला कि भुगतान की रकम आकाश कुमार के UPI ID paytm.s1r8ww2@pty में ट्रांसफर हुई थी। इसके बाद उन्हें समझ आया कि वह फर्जी वेबसाइट के जरिए साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
पीड़ित ने 23 मार्च 2026 को IGRS पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लंका थाने में तहरीर देकर पूरे मामले की जानकारी दी और रकम वापस दिलाने के साथ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
लंका पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
शिकायत के बाद लंका पुलिस ने साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस फर्जी वेबसाइट के संचालन, भुगतान के लिए इस्तेमाल किए गए QR कोड और संबंधित UPI खाते के साथ मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर ठगी के इस खेल से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।
HSRP के नाम पर ठगी से रहें सावधान
इस घटना ने एक बार फिर लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों से सतर्क रहने का संदेश दिया है। HSRP जैसी जरूरी सेवाओं के नाम पर साइबर ठग फर्जी वेबसाइट तैयार कर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। वेबसाइट असली दिखाई देने के बावजूद वह फर्जी हो सकती है।
किसी भी सरकारी या जरूरी ऑनलाइन सेवा के लिए वेबसाइट की आधिकारिकता जांचे बिना भुगतान न करें। अनजान वेबसाइट पर दिए गए QR कोड को स्कैन करने से भी बचें।
पीड़ित ने कहा- थैंक्यू लंका पुलिस
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू किए जाने पर पीड़ित आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने लंका पुलिस के प्रति आभार जताया है। उन्हें उम्मीद है कि पुलिस जांच के जरिए साइबर ठगी करने वालों तक पहुंचेगी, रकम की बरामदगी कराएगी और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
