गोविन्दानन्द ने फर्जी कागजात देकर बैंक को किया गुमराह, बैंक ने मांगी ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य से लिखित माफी
वाराणसी (काशीवार्ता)। गोविंदानंद सरस्वती स्वामी एक बहुरूपिया, धूर्त, ढोंगी व्यक्ति है। जो यह जानते हुए भी कि ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी का दंडी संन्यासी नहीं हैं, फर्जी दस्तावेजों को निर्मित करके अपने आधार पर स्वयं को उनका पुत्र बताकर दंडी संन्यासी शिष्य होने का दावा करता है।ये बातें आज विद्यामठ में राजेंद्र…
