वाराणसी: पेंटिंग कार्य करने वाले युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत, कमरे में मिली पिस्टल बनी जांच का केंद्र

वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र के नगवा स्थित रविदास पार्क के पास सोमवार दोपहर एक मकान में पेंटिंग का कार्य कर रहे 35 वर्षीय मजदूर सोनू यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। उनका शव मकान के एक कमरे में जमीन पर पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस, एसीपी भेलूपुर और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, चितईपुर थाना क्षेत्र के टिकरी गांव निवासी सोनू यादव पिछले करीब दस दिनों से नगवा स्थित आदित्य कुमार सिंह के मकान में सफाई और पेंटिंग का कार्य कर रहे थे। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे कमरे में किराये पर रहने वाले बीएचयू के शोध छात्र गोपी चंद्र के वापस लौटने पर घटना की जानकारी हुई। कमरे में सोनू यादव गोली लगने के बाद मृत अवस्था में पड़े मिले।

सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक लंका राजकुमार शर्मा, एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार तथा फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण और साक्ष्य संकलन करने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कमरे की सफाई के दौरान सोनू को कोई पिस्टल मिली होगी। संभवतः उसे देखने या उठाने के दौरान अचानक गोली चल गई, जो उनके सीने के दाहिने हिस्से में लगी। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और कमरे में रहने वाले छात्रों से भी पूछताछ की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, गोली चलने के लगभग दो घंटे बाद घटना की जानकारी मिली। मकान के दूसरे और तीसरे तल पर रहने वाले लोगों को भी गोली चलने की भनक नहीं लगी। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि कमरे के भीतर पिस्टल कैसे पहुंची और वह किसकी थी। यही बिंदु फिलहाल जांच का प्रमुख विषय बना हुआ है।

बताया जाता है कि तीन मंजिला मकान तीन भाइयों में विभाजित है। ग्राउंड फ्लोर आदित्य कुमार सिंह, दूसरे तल पर रमेश सिंह और तीसरे तल पर त्रिभुवन सिंह का हिस्सा है। आदित्य कुमार सिंह चंदौली जनपद के सैयदराजा के निवासी हैं और अपने हिस्से के कमरे बीएचयू के छात्रों को किराये पर देते हैं।

मृतक सोनू यादव अपने परिवार के साथ टिकरी गांव में रहते थे। उनके पिता बाबूलाल यादव किसान हैं। दो भाइयों में सोनू छोटे थे। परिवार में पत्नी गीता, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। सोमवार सुबह वह रोज की तरह करीब साढ़े आठ बजे काम पर निकले थे, लेकिन कुछ घंटों बाद परिवार को ऐसा दुख मिला जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा। घटना के बाद पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच जारी है।

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