वाराणसी में बकरीद यानी ईद-उल-अजहा का त्योहार नजदीक आते ही शहर का ऐतिहासिक बेनियाबाग मैदान पूरी तरह गुलजार हो उठा है। यहां पूर्वांचल की सबसे बड़ी बकरा मंडियों में से एक सजाई गई है, जहां हर दिन हजारों की संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मंडी में सुबह से देर रात तक रौनक देखने को मिल रही है।
हर साल की तरह इस बार भी वाराणसी समेत जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली और आसपास के जिलों से व्यापारी अपने बेहतरीन नस्ल के बकरे लेकर पहुंचे हैं। मंडी में तोता परी, बरबरी, जमनापारी और पंजाबी नस्ल के बकरों की सबसे अधिक मांग देखने को मिल रही है। कई बकरों की कीमत हजारों से लेकर लाखों रुपये तक बताई जा रही है।
भीषण गर्मी के बावजूद खरीदारों का उत्साह कम नहीं हुआ है। शाम होते ही बेनियाबाग मैदान में भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। लोग अपने पसंदीदा बकरे की खरीदारी को लेकर मोलभाव करते नजर आ रहे हैं। बच्चों और युवाओं में भी मंडी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
बकरीद को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। मंडी परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बेनियाबाग की यह बकरा मंडी सिर्फ व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि काशी की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल भी बन गई है।
