वाराणसी -(काशीवार्ता)- रोहनिया क्षेत्र में एमएलएम नेटवर्क कंपनी पर हुई छापेमारी के बाद मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। साइबर पुलिस द्वारा औढ़े स्थित सेंटर से करीब 300 युवक-युवतियों को मुक्त कराने और 19 आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद दूसरे सेंटर से हटाई गई 20 युवतियों को लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र में एक हॉस्टल में रखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने सभी युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जानकारी के अनुसार रोहनिया के औढ़े स्थित परिसर में नौकरी का झांसा देकर विभिन्न राज्यों के युवक-युवतियों को रखा गया था। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को मुक्त कराया गया था। इसी बीच आरोपितों ने दूसरे सेंटर में मौजूद 20 युवतियों को वहां से हटाकर लखनऊ ले जाकर गुडंबा के बेहटा क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में ठहरा दिया। बताया गया कि हॉस्टल मालिक को एक दिन का किराया देकर युवतियों को वहां रखा गया था।
रविवार सुबह एक युवती ने अपने परिजनों को फोन कर लोकेशन की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। गुडंबा पुलिस ने सभी 20 युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस के अनुसार सभी युवतियां बालिग हैं और किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद सभी अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गईं। मामले की जांच पहले से दर्ज मुकदमे के तहत जारी है।
