यूपी में पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने की राह मुश्किल, आरक्षण सर्वे बना चुनौती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां और समय-सीमा तय करने के मुद्दे पर सरकार मंथन कर रही है। मौजूदा परिस्थितियों में अगले तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण निर्धारित करने के लिए गठित आयोग की ओर से अब तक 42 जिलों का दौरा किया जा चुका है, जबकि 33 जिलों में सर्वे का काम अभी बाकी है। आयोग का कार्यकाल 20 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में शेष जिलों में सर्वे पूरा करने और आरक्षण की प्रक्रिया को समय पर अंतिम रूप देने को लेकर चुनौती बनी हुई है।

इसके अलावा जातीय जनगणना, विधानसभा चुनाव की तैयारियों और विभिन्न परीक्षाओं के चलते भी प्रशासनिक व्यस्तताएं बढ़ने की संभावना है। इन परिस्थितियों के बीच पंचायत चुनाव की समय-सारिणी तय करना सरकार और प्रशासन के लिए अहम चुनौती बन गया है। फिलहाल चुनाव की तारीखों और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

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