वाराणसी। धर्म और आस्था की नगरी काशी में इन दिनों लक्सा क्षेत्र का 16 दिवसीय सोरहिया मेला श्रद्धालुओं और खरीदारों की भीड़ से गुलजार है। मेले में मिट्टी से बनी मां लक्ष्मी की प्रतिमाएं और आकर्षक मुखौटे लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। श्रद्धालु अपनी पसंद के अनुसार प्रतिमाएं और मुखौटे खरीदकर घर ले जा रहे हैं।
कारीगरों और दुकानदारों के अनुसार मां लक्ष्मी के मुखौटे को धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। सोरहिया मेले के दौरान इनका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। बाजार में विभिन्न आकार और डिजाइन के मिट्टी के मुखौटे, प्रतिमाएं और खिलौने सजाकर रखे गए हैं।
मिट्टी से प्रतिमाएं और खिलौने तैयार करने वाले कारीगरों का कहना है कि सरकार की ओर से मिट्टी उपलब्ध कराए जाने से उनके काम में काफी सहूलियत हुई है। पहले कच्चा माल जुटाने में परेशानी होती थी, लेकिन अब आसानी से मिट्टी उपलब्ध होने से उनके पारंपरिक रोजगार को मदद मिल रही है। कारीगरों ने इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया।
मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। लोग मां लक्ष्मी की प्रतिमाएं और मुखौटे खरीदकर घरों व मंदिरों में पूजा के लिए ले जा रहे हैं।
