शिवपुर में गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान में विस्फोट,अवैध गैस रिफिलिंग से हुआ हादसा

रेलवे लाइन से महज 10 मीटर की दूरी पर चल रहा था गैस रिपेयरिंग का काम, दुकान का सामान कबाड़ में बदला

भरलाई, उसरपुरवा और पुरानी मिल साइड में भी बड़े पैमाने पर गैस रिफिलिंग और कटिंग का आरोप

वाराणसी। शिवपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास सोनकली महिला विद्यालय परिसर में बनी दुकानों में एक गैस स्टोव रिपेयरिंग की दुकान में बुधवार की शाम करीब 6:30 बजे अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि दो से तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी और दुकान में रखा सामान दूर तक जा गिरा। घटना के बाद दुकान में भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि इस दौरान रेलवे लाइन से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

स्थानीय लोगों के अनुसार, दुकान में गैस चूल्हा, कुकर और रसोई से संबंधित अन्य सामानों की मरम्मत की जाती थी। बताया जाता है कि दुकान संचालक संजय तिवारी गैस से संबंधित काम कर रहे थे। इसी दौरान घटना होने पर वह दुकान छोड़कर बाहर भाग निकले। इसके कुछ ही देर बाद एक छोटे गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की बात सामने आई। दुकान में कई बड़े और छोटे गैस सिलेंडर भी रखे हुए दिखाई दिए।

विस्फोट के बाद दुकान का पूरा सामान जलकर कबाड़ में बदल गया। बगल में स्थित अजय मेडिकल सहित आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर बाहर भाग निकले। आसपास के लोग भी भयभीत होकर घरों से बाहर खड़े हो गए। विस्फोट के कारण दुकान के सामान के टुकड़े रेलवे लाइन के पास तक जा गिरे। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकान पर मरम्मत के साथ-साथ गैस की फुटकर बिक्री भी की जाती थी। आरोप है कि लोगों को प्रति किलो के हिसाब से महंगे दाम पर गैस बेची जाती थी। हालांकि, इन आरोपों और दुकान में गैस रिफिलिंग किए जाने की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

भरलाई, उसरपुरवा और पुरानी मिल साइड में भी गैस रिफिलिंग –

शिवपुर क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग का कारोबार केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है। भरलाई, उसरपुरवा और पुरानी मिल साइड में बड़े पैमाने पर गैस रिफिलिंग और गैस कटिंग का खेल चल रहा है। लोगों का दावा है कि क्षेत्र में पांच किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर सामान्य बर्तनों की तरह दुकानों पर सजा कर बेचे जाते हैं और गैस की रिफिलिंग का काम भी होता है।

लोगों का आरोप है कि इस गतिविधि की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होती।

रेलवे लाइन से महज 10 मीटर की दूरी पर ज्वलनशील गैस से संबंधित काम होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि दुकान में गैस का अवैध भंडारण या रिफिलिंग हो रही थी, तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

घटना ने आपूर्ति विभाग, स्थानीय पुलिस और क्षेत्रीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि क्षेत्र में खुलेआम गैस रिफिलिंग और कटिंग का कारोबार चल रहा है, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई, या जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह जांच का विषय है।

फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन को शिवपुर के साथ भरलाई, उसरपुरवा और पुरानी मिल साइड में भी गैस भंडारण, रिफिलिंग और कटिंग के काम की जांच करानी चाहिए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले ऐसे खतरनाक कारोबार पर रोक लगाई जा सके।

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