लखनऊ, 18 मार्च। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब प्रदेश में न भय का माहौल है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कहा कि पहले त्योहारों के दौरान तनाव और कर्फ्यू जैसी स्थितियां बन जाती थीं, लेकिन अब नवरात्रि और रमजान जैसे पर्व भी शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि यह परिवर्तन सरकार की स्पष्ट नीति, मजबूत नीयत और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश में सुरक्षा और सामाजिक विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है, जिससे लोग नए साल या अन्य अवसरों पर भी धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में भर्तियां प्रभावित रहती थीं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता था। लेकिन पिछले नौ वर्षों में सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। इससे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार मिला है।
उन्होंने बताया कि पुलिस भर्ती के साथ प्रशिक्षण व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। पहले 30 हजार पुलिस भर्ती के मुकाबले केवल 3 हजार की प्रशिक्षण क्षमता थी, लेकिन अब वर्ष 2025 में भर्ती किए गए 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन भर्तियों में 20 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी नवनियुक्त पुलिसकर्मी नवरात्रि के तुरंत बाद फील्ड में तैनात होंगे, जिससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
सीएम योगी ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए भी सुधार किए गए हैं। पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सहित कई संस्थानों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे, लेकिन अब पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को आधुनिक और सक्षम बनाने के लिए प्रदेश में कई फॉरेंसिक साइंस लैब और स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट स्थापित किए गए हैं। साथ ही स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) का गठन किया गया है। पिछली सरकारों के समय उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार उत्तर प्रदेश पीएसी में तीन महिला बटालियनों का गठन किया गया है, जिनका नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा गया है। इन बटालियनों में उनकी अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस सुधार के तहत कमिश्नरेट प्रणाली सात जिलों में लागू की गई है, जिससे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मामले में देश के सामने एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है और जनता का विश्वास सरकार व प्रशासन पर लगातार बढ़ रहा है।
