आज हरियाली तीज है। इसे श्रावणी तीज भी कहते हैं, क्योंकि ये सावन के शुक्ल पक्ष में आती है। इस त्योहार पर सुहागन महिलाएं सौलह श्रंगार करती हैं। कुंवारी कन्याएं भी सजती हैं। भगवान शिव-पार्वती की विशेष पूजा करती हैं और निर्जला यानी बिना पानी पिए व्रत रखती हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक देवी पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठीन तपस्या की थी। पार्वती की तपस्या से भोलेनाथ खुश हुए। माना जाता है कि हरियाली तीज के दिन ही शिवजी ने पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। यही वजह है कि इस व्रत से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मिलता है।
सौभाग्य व समृद्धि को शिव-पार्वती की करें पूजा
