जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण की ऐसे करें पूजा होगी तरक्की

जन्माष्टमी, भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व है, जिसे हर साल हिंदू धर्म में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में आठवें अवतार धारण किया था। जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने से भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और तरक्की का मार्ग प्रशस्त होता है। यहां हम आपको बताएंगे कि कैसे आप इस पवित्र दिन पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं।

1. प्रातः काल स्नान और स्वच्छता:

जन्माष्टमी की पूजा की शुरुआत प्रातः काल स्नान करके की जाती है। स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करें और घर के मंदिर या पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें। पूजा की सामग्री जैसे फूल, फल, तुलसी के पत्ते, घी का दीपक, और प्रसाद पहले से तैयार रखें।

2. व्रत और उपवास:

जन्माष्टमी के दिन उपवास रखने का भी विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और वह भगवान की विशेष कृपा का पात्र बनता है। व्रत में फलाहार करें और रात्रि में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय ही व्रत का पारण करें।

3. पूजा विधि:

पूजा की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर को स्नान कराकर करें। इसे पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से स्नान कराएं। इसके बाद भगवान को सुंदर वस्त्र पहनाएं और माला पहनाएं। श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी के पत्तों का विशेष महत्व है, इसलिए इन्हें अवश्य चढ़ाएं।

दीप जलाकर भगवान की आरती करें और मंत्रों का जाप करें। श्रीकृष्ण के प्रिय मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें। इसके अलावा, श्रीमद्भगवद गीता का पाठ करना भी फलदायी होता है।

4. माखन मिश्री का भोग:

भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय है। अतः पूजा के बाद भगवान को माखन और मिश्री का भोग लगाएं। इसके साथ ही पंचामृत और अन्य फल-फूल भी अर्पित करें। भोग के बाद इसे प्रसाद रूप में बांटें।

5. कृष्ण जन्म का उत्सव:

रात्रि के समय, ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाएं। इस समय, शंख और घंटियों के साथ भगवान की आरती करें। जन्माष्टमी के इस विशेष पल में भगवान के बाल रूप का स्मरण करें और उनकी लीलाओं का गुणगान करें।

6. दान और सेवा:

भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति और श्रद्धा दिखाने का एक और महत्वपूर्ण तरीका है दान और सेवा। इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, और धन का दान करें। श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से समाज में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

7. मंत्र जाप और कीर्तन:

दिनभर भगवान के भजन-कीर्तन करें और श्रीकृष्ण के नाम का जाप करें। उनके बाल लीलाओं का स्मरण करें और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें। इससे आपके जीवन में सुख-शांति और तरक्की बनी रहती है।

जन्माष्टमी का पर्व एक ऐसा अवसर है जब हम भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने के लिए उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त कर सकते हैं। सही विधि और समर्पण के साथ की गई पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि और तरक्की का मार्ग स्वतः खुल जाता है। इस जन्माष्टमी, आप भी इन उपायों को अपनाकर भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन को सुखमय और सफल बनाएं।

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