वरिष्ठ जेल अधीक्षक पर महिला डिप्टी जेलर ने लगाए गंभीर आरोप

वरिष्ठ जेल अधीक्षक के खिलाफ शिकायत करना डिप्टी जेलर को पड़ा भारी

वाराणसी (काशीवार्ता)। जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक उमेश सिंह पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, नशे के सामान की बिक्री व महिला कर्मियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगातार लगते आ रहे हैं। इन आरोपों के बावजूद, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जो राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल खड़े करती है। विदित हो कि वाराणसी जेल में तैनाती के दौरान महिला जेल कर्मियों ने उमेश सिंह पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। रविवार को महिला डिप्टी जेलर मीना कनौजिया ने वीडियो जारी कर उमेश सिंह पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। मामले में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उमेश सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें उमेश सिंह के विरुद्ध लगाए गए समस्त आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराकर कठोर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।

डिप्टी जेलर का प्रयागराज नैनी सेंट्रल जेल हुआ स्थानांतरण

जिला जेल में व्याप्त अनियमितताओं की शिकायत करना डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया को महंगा पड़ गया। जेल प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उनका अचानक स्थानांतरण कर दिया गया। अब उन्हें नैनी सेंट्रल जेल, प्रयागराज भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार मीना कन्नौजिया ने जेल के भीतर अव्यवस्थाओं और नियमों के उल्लंघन की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने कैदियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और जेल प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया था। इस पर कार्रवाई करने के बजाय उनका तबादला कर दिया गया। इस मामले में जेल प्रशासन ने स्थानांतरण को नियमित प्रक्रिया बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह रूटीन ट्रांसफर है और इसका किसी शिकायत से कोई संबंध नहीं है। जबकि कर्मचारी इसे शिकायत का नतीजा मान रहे हैं।

TOP

You cannot copy content of this page