खेलते हैं खिलाड़ी तो सम्मान, पद और पुरस्कार देती है योगी सरकार

सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों ने यूपी में हुए सकारात्मक परिवर्तन को सराहा

लखनऊ, 1 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेरिस ओलंपिक और पैरालंपिक गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह खिलाड़ियों के लिए विशेष महत्व रखता था, क्योंकि इसमें उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार प्राप्त हुआ। खिलाड़ी इस सम्मान से अभिभूत हुए और उन्होंने कहा कि जब हम अपने खेल में जी-जान लगाकर प्रदर्शन करते हैं, तो योगी सरकार हमें न केवल सम्मानित करती है बल्कि पद और पुरस्कार से भी नवाजती है। इस प्रोत्साहन से हमारा मनोबल और बढ़ जाता है।

खेल नीति बनी मील का पत्थर

उत्तर प्रदेश की नई खेल नीति को खिलाड़ियों ने मील का पत्थर करार दिया। खिलाड़ियों का कहना था कि 2017 के बाद से पूरे प्रदेश में खेलों के प्रति नजरिया बदल गया है। पहले खिलाड़ियों को इतना सम्मान नहीं मिलता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री खुद मंच पर बुलाकर खिलाड़ियों का अभिनंदन करते हैं। इससे खिलाड़ियों को न केवल सम्मान मिलता है, बल्कि उनका उत्तरदायित्व भी बढ़ जाता है कि वे और बेहतर प्रदर्शन करें। स्वर्ण पदक विजेता पैरालंपिक गेम्स-2024 के प्रवीन कुमार ने कहा, “2016 में पैरा ओलंपिक में पदक जीतने के बावजूद सम्मान की कमी थी, लेकिन अब 2020 और 2024 के पैरालंपिक में मिले पदकों के लिए सम्मानित किया जा रहा है।”

स्टेडियम निर्माण और ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच

राजकुमार पाल, जो हॉकी में कांस्य पदक विजेता हैं, ने कहा कि “योगी सरकार द्वारा बनाई गई खेल नीति खिलाड़ियों के लिए अत्यधिक प्रेरणादायक है।” उन्होंने इस बात की सराहना की कि योगी सरकार न केवल खिलाड़ियों को सम्मानित कर रही है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्टेडियमों का निर्माण कर उभरती हुई प्रतिभाओं को भी मंच दे रही है।

ललित कुमार उपाध्याय, हॉकी के कांस्य पदक विजेता, ने भी कहा कि “मुख्यमंत्री का सम्मान न केवल गर्व की अनुभूति कराता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि हम भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करें।” उन्होंने योगी आदित्यनाथ के खेलप्रेमी व्यक्तित्व की तारीफ की और कहा कि उनके प्रयासों से पूरे प्रदेश में खेलों को बढ़ावा मिल रहा है।

दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मान

पैरालंपिक प्रतिभागी दीपेश कुमार ने योगी सरकार द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों के सम्मान की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा, “बाहर की दुनिया में इतना सम्मान नहीं मिलता, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने हमें न केवल सम्मानित किया, बल्कि प्रोत्साहन राशि और बेहतर संसाधन भी प्रदान किए हैं।” उन्होंने मिनी स्टेडियम, सिंथेटिक ग्राउंड और एकलव्य क्रीड़ा कोष के लाभों की भी चर्चा की।

सीएम की सहृदयता से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

पैरालंपिक प्रतिभागी यश कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुए व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा, “सीएम ने अपनी व्यस्तता के बीच हमें समय दिया, हमारे साथ सेल्फी ली। यह उनकी सहृदयता है, जो हमारे लिए बहुत बड़ा सम्मान है।” उन्होंने मुख्यमंत्री के निरंतर समर्थन की भी कामना की और कहा कि इससे खिलाड़ी आगे बढ़ते रहेंगे।

उत्तर प्रदेश में खेलों का विकास

ओलंपिक प्रतिभागी प्राची चौधरी ने कहा, “सीएम योगी ने खेल की गतिविधियों को काफी प्रोत्साहित किया है और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में खेलों का तेज़ी से विकास हो रहा है।” उन्होंने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी प्रदेश में खेलों को इसी प्रकार बढ़ावा मिलेगा।

खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार और नौकरी बड़ी उपलब्धि

प्रियंका गोस्वामी, जिन्होंने टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भाग लिया है, ने यूपी सरकार द्वारा खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि और नौकरी देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि “सीएम योगी हम खिलाड़ियों के लिए अपना कीमती समय निकालते हैं, जो हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।”

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। नई खेल नीति, स्टेडियमों का निर्माण, खिलाड़ियों को पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि देने जैसे कदमों से राज्य में खेलों को एक नई दिशा मिली है। खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे प्रदेश में खेल संस्कृति के विकास का एक महत्वपूर्ण कदम माना है।

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