
वाराणसी (काशीवार्ता)। वाराणसी जिसे
देवाधिदेव महादेव की नगरी भी कहा जाता है यहाँ काशी में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए मंडुवाडीह चौराहे का चौड़ीकरण किया जा रहा है। यह चौराहा, जो कभी जाम की वजह से यात्रियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था, अब खुला और व्यवस्थित दिखने लगा है। वाराणसी आने-जाने वाले लोगों को इस सुधार कार्य से राहत मिलने लगी है।
चौराहे पर अब नहीं लग रहा जाम का झाम
शनिवार की सुबह जब काशीवार्ता की टीम मंडुवाडीह चौराहे पर पहुंची, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। जिस चौराहे पर पहले हर समय गाड़ियां रेंगती थीं और लोगों को इसे पार करने में 15-20 मिनट तक लग जाते थे, अब वही चौराहा यातायात के लिए पूरी तरह खुला दिखा। आने-जाने वाले वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से चल रहा था।

इस सुधार का श्रेय लोक निर्माण विभाग को दिया जा रहा है, जिसने लहरतारा से लंका तक फोरलेन परियोजना के तहत चौराहे के चौड़ीकरण का काम शुरू किया। इस प्रक्रिया में चौराहे के आसपास के निर्माण कार्य हटाए गए और चौराहे के दक्षिणी हिस्से में स्थित तीन मकानों को तोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
डमरू के आकार में बनेगा नया चौराहा
मंडुवाडीह चौराहे को अब एक नई पहचान मिलने वाली है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इसे डमरू के आकार में बनाया जाएगा। चौराहे के मध्य में एक गोलम्बर तैयार किया जाएगा, जिसमें विशेष प्रकार की लाइटिंग लगाई जाएगी। यह व्यवस्था न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि रात्रि में चौराहे की खूबसूरती को भी बढ़ाएगी।
फोरलेन पुल का बढ़ा यातायात लोड
फुलवरिया फोरलेन पुल के चालू होने के बाद लंका और आसपास के इलाकों का यातायात मंडुवाडीह चौराहे पर आ गया था, जिससे यहां अक्सर जाम लग जाता था। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई थी, लेकिन अब चौराहे के चौड़ीकरण और नए डिज़ाइन से यह समस्या हल होती नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों को राहत
स्थानीय निवासियों और यात्रियों का कहना है कि इस परियोजना से उनका दैनिक जीवन सरल हो गया है। पहले जहां जाम की वजह से समय बर्बाद होता था, अब बिना किसी रुकावट के गाड़ियां गुजर रही हैं।
यातायात व्यवस्था में सुधार की ओर कदम
वाराणसी में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए यह कदम काफी सराहनीय है। मंडुवाडीह चौराहे का यह बदलाव आने वाले समय में वाराणसी की बढ़ती ट्रैफिक समस्या का समाधान साबित होगा।
मंडुवाडीह चौराहे का चौड़ीकरण और इसे डमरू के आकार में बदलने की योजना वाराणसी के यातायात प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल जाम से राहत देगा, बल्कि शहर के सौंदर्य में भी वृद्धि करेगा। स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है।