
वाराणसी(काशीवार्ता)। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार से ‘तम्बाकू मुक्त युवा अभियान’ का शुभारंभ किया गया। इस अभियान की शुरुआत भेलूपुर स्थित एसवीएम राजकीय चिकित्सालय से हुई, जहां कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 24 सितम्बर से शुरू होकर अगले दो महीने तक चलेगा, जिसका उद्देश्य युवाओं और अन्य नागरिकों को तम्बाकू सेवन के खतरों के प्रति जागरूक करना और तम्बाकू मुक्त समाज का निर्माण करना है।

इस अवसर पर विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने तम्बाकू मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने तम्बाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जनता को सतर्क रहने और इस दिशा में सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के अभियान से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और लोग तम्बाकू के दुष्प्रभावों को समझकर इसे छोड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
अभियान की मुख्य विशेषताएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि इस दो माह लंबे अभियान के दौरान जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के तहत ‘तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान’ की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही, शिक्षण संस्थानों में तम्बाकू उत्पादों के सेवन और बिक्री पर पूर्णतया रोक लगाने के प्रयास किए जाएंगे।
इस अभियान में कोटपा अधिनियम (सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम) के नियमों के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। तम्बाकू मुक्त ग्राम की दिशा में भी विशेष कदम उठाए जाएंगे, जहां ग्रामीण स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए अभियान के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा। जागरूकता वाहन के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को तम्बाकू से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
तम्बाकू सेवन की गंभीरता
डॉ. चौधरी ने बताया कि ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे 2019 के अनुसार उत्तर प्रदेश में 13 से 15 वर्ष के लगभग 23 प्रतिशत युवाओं द्वारा तम्बाकू उत्पादों का सेवन किया जा रहा है, जोकि एक गंभीर समस्या है। इसके साथ ही, ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे 2016-17 के अनुसार राज्य में कुल 35.5 प्रतिशत वयस्क तम्बाकू के धूम्रहित और धूम्रसहित उत्पादों का उपभोग कर रहे हैं। यह आँकड़े तम्बाकू के बढ़ते प्रभाव और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की ओर इशारा करते हैं, जिससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
समाज के लिए संदेश
तम्बाकू नियंत्रण के नोडल अधिकारी डॉ. वाईबी पाठक ने बताया कि तम्बाकू सेवन की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और युवाओं को तम्बाकू से दूर रखने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को तम्बाकू से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना और उन्हें इसके सेवन से बचने के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. क्षितिज तिवारी, तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ से जिला परामर्शदाता डॉ. सौरभ प्रताप सिंह, अजय श्रीवास्तव, संगीता सिंह और अन्य चिकित्सा अधिकारी व पार्टी कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
अभियान का लक्ष्य तम्बाकू के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक जागरूकता पैदा करना है, ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ तम्बाकू के सेवन से होने वाले गंभीर परिणामों से बच सकें।
