
वाराणसी (काशीवार्ता)। संस्कृत एवं संस्कृति के संरक्षण व सम्वर्धन के लिये समर्पित तथा भारतीय ज्ञान परम्परा का पोषक सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय देववाणी संस्कृत के अभ्युदय एवं उत्थान के साथ लगभग ढाई सौ वर्षों से अध्ययन, अध्यापन एवं शोध कार्य करते हुये वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा को स्थापित कर रहा है , यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और प्रसारित करने में मदद कर रही है। उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय,वाराणसी में कुलपति आवास पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कही। उन्होंने कहा कि यह ऋषि तुल्य आचार्यों की तपोभूमि है जहां पर हमारे तपःपूत आचार्यों ने अपनी सारस्वत साधना से प्राच्यविद्याओं में निहित गूढ ज्ञान को सर्वजन-सुलभ बनाते हुए विश्व पटल पर स्थापित भी किया तथा इस अद्भुत ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन समर्पित भाव से सर्वविध प्रयास भी किया । ऐसे में भारत की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में स्थित भारत, भारती एवं भारतीयता के गौरव की प्रतीक इस संस्था के सर्वतोमुखी विकास व अभ्युदय के लिये देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार हर सम्भव सहयोग करने के लिए संकल्पित हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मन्त्री जे.पी.नड्डा का पारम्परिक रूप से स्वागत और अभिनन्दन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री रवीन्द्र जायसवाल, आयुष मन्त्री डॉ.दयाशंकर मिश्र दयालु, महापौर वाराणसी श्रीयुत अशोक तिवारी, विधायक डॉ.नीलकण्ठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी धर्मेन्द्र राय, अश्विनी त्यागी सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे। उक्त जानकारी जनसम्पर्क अधिकारी
शिशेन्द्र मिश्र ने दी।