
कमिश्नर ने बैठक में शहर में ही यूपी सीडा का कार्यालय खोलने का दिया निर्देश, कई और समस्याओं पर भी हुई चर्चा
वाराणसी(काशीवार्ता)। वाराणसी एवं चंदौली के उद्यमियों की राह थोड़ी आसान करने की कोशिश की गई है। अब उन्हें किसी काम के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपी सीडा) कार्यालय करखियांव तक दौड़ नहीं लगानी होगी। उनकी सुविधा के लिए शहर में ही यूपीसीडा का कार्यालय स्थापित होगा। इसे जिला उद्योग केंद्र परिसर में जगह दी जा रही है। केंद्र में उपायुक्त उद्योग का नया कार्यालय बनने से जगह खाली हुई है। जिसमे यूपीसीडा अपना कार्यालय खोलेगा।
दरअसल, चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र, रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के साथ अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख कार्यालय या उनके मालिकों के आवास अमूमन वाराणसी शहर में ही हैं। किसी कार्य से यदि उन्हें यूपीसीडा के करखियांव कार्यालय जाना पड़ता है तो पूरा दिन निकल जाता है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से काफी समय से यूपीसीडा कार्यालय शहर में ही खोलने की मांग की जा रही थी। जिसकी मांग मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में आयोजित आइआइए की बैठक में भी उठी। इसे मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने गंभीरता से लिया तथा निर्देश दिया कि जिला उद्योग केंद्र में एक जगह खाली हुई हैं। वहां कार्यालय खोला जाए। उन्होंने यह भी कहा, फरवरी से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने कहा, यूपीसीडा यहां आकर कार्य शुरू कर सकता है।कागजी कार्रवाई होती रहेगी।
उद्यमियों की प्रमुख मांग ::::
- तीन माह पर विद्युत विभाग से एनओसी व अप्रूवल लेना होता है। विभाग विलंब करता है। ओपन एक्सेस प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं का बिल मैनुअली बन रहा है जबकि साफ्टवेयर जेनरेटेड बिल मिलना चाहिए।
- विद्युत कनेक्शन लेने से ज्यादा दिक्कत विद्युत कनेक्शन डिस्कनेक्ट करने में होती है।
- उद्योगों में निर्वाध विद्युत आपूर्ति बड़ी समस्या है। विद्युत विभाग लगातार होने वाली ट्रिपिंग के कारणों में न जाकर सिर्फ फ्यूज बांधकर लाइन चालू कर देता है। स्थायी निराकरण की आवश्यकता है।
- बिजली संबंधित समस्याओं की सुनवाई के लिए विद्युत व्यथा निवारण फोरम के गठन का नियम है, परंतु विद्युत विभाग जानबूझकर गठन नहीं कर रहा।
- जीएसटी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जब तक पूरी तरह इंटेलिजेंट न हो जाए तब तक बिना मैन्युअल स्क्रीनिंग के कोई भी नोटिस ना भेजी जाए। • आयकर विभाग की तर्ज पर जीएसटी को भी ईयर एंड होने के तीन माह के अंदर असेसमेंट कर लेना चाहिए।
- सांख्यिकी विभाग की विवरणी को भरना अत्यंत ही दुरूह कार्य है। इस पर रोक लगनी चाहिए। • प्रत्येक माह की आठ से 15 तारीख तक विभाग की वेबसाइट या तो बंद हो जाती है या बिल्कुल ही स्लो चलने लगती है।विभाग को अपनी वेबसाइट दुरुस्त करने की आवश्यकता है।
- 10 रूम तक के होटलों को प्रदूषण विभाग से कुछ राहत मिली है लेकिन अधिकतर छोटे होटल राहत नहीं मिल पा रही हैं इसको 20 रूम तक के होटलों तक किया जाए।
उद्यमियों को मिलेगी राहत-आर के चौधरी
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने बताया जिला उद्योग केंद्र में यूपीसीडा का कार्यालय खुलने से वाराणसी के साथ चंदौली के भी उद्यमियों को राहत मिलेगी। पहले यह कार्यालय शहर में ही महमूरगंज में था, कुछ साल पहले करखियांव स्थानांतरित हो गया था।