सुरों की मलिका का अंत: 92 वर्ष की उम्र में आशा भोंसले का निधन

भारतीय संगीत जगत के लिए आज का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। सुरों की मलिका और दिग्गज पार्श्वगायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से वे दिल और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थीं और इसी कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद आज भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया।

उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत, संगीत प्रेमियों और उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। सात दशकों से भी अधिक लंबे करियर में आशा जी ने 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गीत गाए। शास्त्रीय संगीत, ग़ज़ल, पॉप और फिल्मी गीतों में उनकी बहुमुखी आवाज ने हर पीढ़ी को मंत्रमुग्ध किया।

उन्हें पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था। प्रधानमंत्री Narendra Modi समेत देश की कई प्रमुख हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे भारतीय संगीत के एक युग का अंत बताया है।

TOP

You cannot copy content of this page