
मुख्यमंत्री ने श्री काशी विश्वनाथ एवं काल भैरव मंदिर में विधिवत् दर्शन पूजन किया
दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार से हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
भारतीय संस्कृति की धरोहर को संरक्षित करने का कार्य सराहनीय-मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के परिसर में तीसरी बार आगमन पर कुलपति ने किया जोरदार स्वागत
दुर्लभ पांडुलिपियों एवं उनके संरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा
दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण कार्य का निरीक्षण कर गति बढ़ाने का निर्देश
रोपवे परियोजना के शेष कार्यों को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर प्राथमिकता पर पूरा कराए-योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी ने वाराणसी में निर्माणाधीन विश्व का तीसरा और भारत का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य के प्रगति को जांचा
रोपवे प्रणाली से शहर और यहां पर रहने वालों के साथ ही काशी आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों को भारी लाभ मिलेगा
रोपवे परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 645 करोड़ रुपये है
इसमें लगभग 220 केबल कार या ट्रॉली कार होंगी, जिनमें से प्रत्येक में 10 यात्री बैठ सकेंगे
ये कारें 45 मीटर की ऊँचाई पर चलेंगी, जिससे परिवहन का एक सुंदर और कुशल साधन उपलब्ध होगा
यह रोपवे बहुमुखी होगा, जो माल और यात्रियों, दोनों की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करेगा
मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविर में रह रहे परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा, राहत सामग्री भी उपलब्ध कराए
मुख्यमंत्री के हाथों बच्चों ने पाई चॉकलेट, तो खिलखिला कर हंस पड़े
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को काल भैरव मंदिर एवं काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत् दर्शन पूजन किया। तत्पश्चात् सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंच कर परिसर में स्थित राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत चल दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण कार्यों के निरीक्षण एवं अवलोकन किया। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन तीसरी बार हुआ। जिनका स्वागत और अभिनन्दन वैदिक विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार, स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। उस दौरान कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार एवं वित्त अधिकारी ने विश्वविद्यालय के समस्त आचार्यों के साथ पारम्परिक रूप से स्वागत और अभिनन्दन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विस्तार भवन में भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के द्वारा पांडुलिपियों के संरक्षण के कार्यो का भी सूक्ष्मता से प्रगति का जायजा लिया। संरक्षण के कार्यों को और तीव्रता से बढ़ाने का निर्देश भी दिया। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा समुचित सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का तीसरी बार आगमन परिसर में हुआ, यह विश्वविद्यालय एवं देववाणी संस्कृत के लिये गौरव और हर्ष की बात है। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी को ऐतिहासिक सरस्वती भवन पुस्तकालय के भवन के अनुरक्षण के कार्यों को उसके प्रगति को देखा साथ अन्य निर्माण कार्यों की वस्तुस्थिति की भी जानकारी लिया। उन्होंने दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में जो भी सहयोग होगा उसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार सदैव सहयोग देने के तत्पर है।
इस दौरान विश्वविद्यालय से कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो जितेन्द्र कुमार, प्रो महेन्द्र पांडेय, विनयाधिकारी प्रो दिनेश कुमार गर्ग,प्रो. राजनाथ, अभियंता रामविजय सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र सहित विश्वविद्यालय परिवार उपस्थित रहे।
तत्पश्चात् मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में निर्माणाधीन विश्व का तीसरा और भारत का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य के प्रगति देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तेजी से गुणवत्ता के साथ कराए जाने पर विशेष जोर दिया।
बताते चलें कि यह परियोजना भारत सरकार की 'पर्वतमाला' योजना के तहत बनाई जा रही है और इसका उद्देश्य शहर में यातायात की भीड़ को कम करना है, जिससे स्थानीय और पर्यटकों के लिए यात्रा सुगम हो सके। यह रोपवे लगभग 4.2 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) को चर्च स्क्वायर (गोदौलिया) से जोड़ेगा। इसका मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात की भीड़भाड़ को कम करने के लिए एक विश्वसनीय और कुशल परिवहन माध्यम प्रदान करना है। वैसे इस रोपवे का गंगा उसपार तक विस्तार पर भी विचार किया जा रहा हैं। वाराणसी में रोपवे प्रणाली की शुरुआत से शहर और यहां पर रहने वालों के साथ ही काशी आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों को भारी लाभ मिलेगा। इनमें से सबसे प्रमुख लाभ प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट सहित प्रमुख स्थलों तक बेहतर पहुँच है। परिवहन के वैकल्पिक साधन के रूप में, रोपवे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन महत्वपूर्ण स्थलों तक आसानी से पहुँचने में सक्षम होगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
रोपवे परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 645 करोड़ रुपये है। इसमें लगभग 220 केबल कार या ट्रॉली कार होंगी, जिनमें से प्रत्येक में 10 यात्री बैठ सकेंगे। ये कारें 45 मीटर की ऊँचाई पर चलेंगी, जिससे परिवहन का एक सुंदर और कुशल साधन उपलब्ध होगा। यह रोपवे बहुमुखी होगा, जो माल और यात्रियों, दोनों की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करेगा, जिससे यह वाराणसी के परिवहन परिदृश्य में एक अनूठा योगदान देगा। 4.2 किलोमीटर की हवाई दूरी तय करने वाले इस रोपवे से सड़क की भीड़भाड़ से निजात मिलने की उम्मीद है, जिससे निवासियों और आगंतुकों, दोनों के लिए तेज़ और परेशानी मुक्त यात्रा संभव होगी।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को बांटे राहत सामग्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जे पी मेहता इंटर कॉलेज परिसर में बनाए गए राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा तथा लगभग 25 लोगो को राहत सामग्री उपलब्ध कराई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से बाढ़ प्रभावितों लोगों के साथ ही राहत शिविर में आश्रय लिए लोगों का पूरा ख्याल रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता पर सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री के हाथों बच्चों ने पाई चॉकलेट, तो खिलखिला कर हंस पड़े
बाढ़ राहत शिविर में रह रहे छोटे-छोटे बच्चों को मुख्यमंत्री ने दुलार करते हुए उन्हें चॉकलेट के पैकेट दिए। मुख्यमंत्री के हाथों बच्चों ने जैसे ही चॉकलेट का पैकेट पाए, तो वे खिल खिलाकर हंसने लगे। उनके चेहरे पर खुशी का भाव दिख रहा था। उन्होंने बच्चों से उनके पढ़ाई लिखाई के बाबत भी जानकारी ली और खूब पढ़ लिखकर परिवार का नाम रोशन करने का आशीर्वाद दिया।
इस दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री व विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, डॉ अवधेश सिंह, डॉ सुनिल पटेल, त्रिभुवन राम, कमिश्नर एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।