
लखनऊ, 07 अक्टूबर:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक बैठक के दौरान विभिन्न जातियों, मतों, सम्प्रदायों और उनके ईष्ट देवी-देवताओं, महापुरुषों तथा साधु-संतों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों को अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध के नाम पर अराजकता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से एक-दूसरे का सम्मान करने का आह्वान करते हुए कहा कि महापुरुषों के प्रति प्रत्येक नागरिक के मन में कृतज्ञता का भाव होना चाहिए, लेकिन इसके लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी ने त्योहारों के मद्देनजर कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि शारदीय नवरात्रि और विजयदशमी के पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए सभी जनपदों और थानों को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि माहौल खराब करने वाले तत्वों की पहचान कर उन्हें सख्त सजा दिलाई जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा पर जोर दिया और निर्देश दिया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पेट्रोलिंग को तेज किया जाए। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।
योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा कि किसी भी व्यक्ति को आस्था के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो भी इस प्रकार के दुस्साहस करेगा, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उनका यह संदेश साफ है कि राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए हर एक नागरिक को एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना रखना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने इस बात को भी रेखांकित किया कि सभी धार्मिक समुदायों को अपनी आस्थाओं का सम्मान करते हुए एक-दूसरे के प्रति सहिष्णुता और समर्पण दिखाना चाहिए। केवल इसी तरह से राज्य में सामाजिक समरसता और सामंजस्य बना रहेगा।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री का यह सख्त संदेश यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति को बनाए रखने के लिए राज्य प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है।
