
नई दिल्ली: जैसे ही मानसून ने देश के विभिन्न हिस्सों से विदाई ली है, उत्तर भारत में ठंड का प्रभाव बढ़ने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार ठंड अपेक्षाकृत जल्दी दस्तक दे रही है, खासकर उत्तर भारत में। वहीं, देश के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण कई क्षेत्रों में वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
उत्तर भारत में धीरे-धीरे गुलाबी ठंड का असर दिखने लगा है, जो कि आने वाले दिनों में और तीव्र हो सकता है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, ठंड का यह दौर अक्टूबर के अंत तक बढ़ेगा, और नवंबर में पूरे जोर से महसूस किया जाएगा। खासकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में एक बड़े मौसमी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। IMD ने चेतावनी दी है कि अंडमान सागर में अगले 24 घंटों के भीतर एक चक्रवात बनने की संभावना है, जो पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर के पास निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो सकता है। यह निम्न दबाव 22 अक्टूबर तक डीप डिप्रेशन में बदल सकता है, जो आगे चलकर एक बड़े चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस चक्रवाती तूफान से बंगाल, ओडिशा, और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है, खासकर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में। इन इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाओं के चलने की संभावना है, जिससे खतरे की स्थिति पैदा हो सकती है।
इसके अलावा, IMD ने कई क्षेत्रों में मौसम स्थिर रहने की संभावना जताई है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते वायरल बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। आम जनता को सलाह दी गई है कि वे मौसम के इस बदलाव के दौरान सावधानी बरतें और अपनी सेहत का ख्याल रखें।