
वाराणसी के कमच्छा में स्थित मां कामाख्या मंदिर में सावन माह के दौरान विशेष आयोजन होते हैं। इस महीने के मंगलवार को यहां जल विहार और हरियाली श्रृंगार का आयोजन विशेष महत्व रखता है। सावन का महीना भगवान शिव और देवी पार्वती की उपासना का समय माना जाता है, और इस दौरान भक्त माता कामाख्या के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
जल विहार में मां कामाख्या की मूर्ति को पवित्र जल से स्नान कराया जाता है, जो शुद्धता और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक है। इसके बाद मंदिर को हरियाली श्रृंगार से सजाया जाता है, जिसमें ताजे फूल, पत्तियों और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग होता है। हरियाली श्रृंगार प्रकृति की सुंदरता और जीवन की समृद्धि का प्रतीक है, जो इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के मन में विशेष आनंद और शांति का संचार करता है।
सावन के इस पवित्र महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, जो माता कामाख्या के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं। भक्ति भाव से परिपूर्ण यह आयोजन धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक समृद्धि का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस प्रकार, मां कामाख्या का जल विहार और हरियाली श्रृंगार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार भी करता है।