
मुख्यमंत्री आवास पर वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) का आयोजन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 दिसंबर को लखनऊ स्थित अपने आवास पर वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) का आयोजन किया। इस मौके पर ऐतिहासिक समागम और 11,000 सहज पाठ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिख परंपरा की गौरवशाली विरासत और उनके बलिदानों को याद करते हुए कहा कि सिख गुरुओं के आदर्शों को अपनाकर हम देश और धर्म की रक्षा कर सकते हैं।
सिख परंपरा की समृद्धि और योगदान
सीएम योगी ने कहा कि सिख परंपरा विपरीत परिस्थितियों में लड़ते हुए न केवल अपनी पहचान को सुरक्षित रखती है, बल्कि देश और धर्म के लिए प्रेरणा भी प्रदान करती है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान और साहिबजादों की शहादत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह त्याग और बलिदान हमें प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं की शिक्षाओं को अपनाकर हम किसी भी संकट का सामना कर सकते हैं।
दुश्मन को पहचानें जो कौम को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज ने हमेशा अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से मिसाल पेश की है। लेकिन, कुछ दुश्मन उनकी युवा पीढ़ी को ड्रग्स के माध्यम से कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से इस खतरे को पहचानने और सावधान रहने की अपील की।
गुरु परंपरा और उनके आदर्श
मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव से लेकर गुरु गोबिंद सिंह महाराज और चार साहिबजादों के बलिदान को भारत के इतिहास का गौरव बताते हुए कहा कि यह देशवासियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों में लंगर और शबद-कीर्तन की परंपरा से जाति-पाति का भेदभाव समाप्त होता है।
गुरुद्वारों का होगा सुंदरीकरण
सीएम योगी ने लखनऊ के ऐतिहासिक गुरुद्वारों का सुंदरीकरण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, नगर निगम और विकास प्राधिकरण मिलकर इस योजना को लागू करेंगे।
गुरु परंपरा की रक्षा में डबल इंजन सरकार तत्पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित कर सिख परंपरा के गौरव को मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि सिख योद्धाओं और गुरुओं के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। डबल इंजन सरकार गुरु परंपरा के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
कार्यक्रम का समापन
मुख्यमंत्री ने आलमबाग गुरुद्वारे से लाई गई श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को कार्यक्रम स्थल पर स्थापित किया और लंगर छका। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और सिख समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
वीर बाल दिवस का यह आयोजन न केवल सिख समाज की गौरवशाली परंपरा का सम्मान है, बल्कि देश और धर्म के लिए उनकी बलिदानी भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी है।