
वाराणसी, 8 जून — काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक मनमानी और मरीजों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ आज छात्रों, पूर्व छात्र नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं व नागरिकों ने सिंह द्वार से रविदास गेट होते हुए मालवीय प्रतिमा तक विशाल मौन जुलूस निकाला।
छात्रों के बैनरों पर लिखा था “क्षुब्ध ह्रदय है, बंद जुबान”, वहीं तख्तियों पर “स्वास्थ्य है सबका अधिकार, बंद करो इसका व्यापार”, “ट्रामा सेंटर में प्रशासनिक गुंडई बंद करो”, “चिकित्सक शिक्षक का अपमान नहीं सहेगा छात्र नौजवान” जैसे नारे दर्ज थे।
जुलूस का नेतृत्व बीएचयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद शुक्ल ने किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन मरीजों, गरीबों और शोषितों के हक में है और जल्द ही जन आंदोलन का रूप लेगा। छात्र नेता मृत्युंजय तिवारी आज़ाद ने ट्रॉमा सेंटर प्रभारी को बर्खास्त करने व उच्च स्तरीय जांच की मांग दोहराई।
छात्र नेता अभिषेक सिंह ने आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी दी जबकि चंद्रशेखर फाउंडेशन के अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने जरूरत पड़ने पर दिल्ली तक आंदोलन ले जाने की बात कही।
इस अवसर पर हाईकोर्ट के अधिवक्ता सौरव तिवारी ने इसे संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। भाजपा के प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी कुंवर पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मामले को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
पूर्व छात्र नेता नागेंद्र तिवारी, विजय सिंह, हृदयानंद, पंकज पाठक समेत कई पुरातन छात्रों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। पूर्वांचल के विभिन्न विश्वविद्यालयों के सैकड़ों छात्र इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में मौजूद रहे।