
वाराणसी(काशीवार्ता)।19 अक्टूबर 2024 को वाराणसी के संस्कृत विद्यालयों और प्रमुख चिकित्सालयों में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा निशुल्क भोजन व्यवस्था के द्वितीय सफल ट्रायल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सम्मानित सदस्य पं० दीपक मालवीय जी, प्रो० ब्रजभूषण ओझा जी, पं० प्रसाद दीक्षित जी और न्यास परिषद के अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
यह योजना प्रधानमंत्री द्वारा 22 फरवरी 2024 को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में की गई घोषणा का हिस्सा है, जिसमें विद्यालयों के बच्चों और अस्पतालों के तीमारदारों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। इस संकल्प को पूरा करने हेतु श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ने गोदौलिया स्थित जम्मू कोठी में एक विशेष सात्विक रसोईघर का निर्माण कराया है, जिसका संचालन नाट्यकोटम संस्था करेगी।
इस योजना के तहत उच्च-स्तरीय उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है, जो कोविलुर मठ द्वारा देश और विदेश से मंगवाए गए हैं। भोजन की वितरण व्यवस्था के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पास दो महिन्द्रा डीआई वाहन पहले से हैं, और आईडीबीआई बैंक ने सीएसआर मद के अंतर्गत पांच नए वाहन भी प्रदान किए हैं।
16 अक्टूबर 2024 को चूल्हा पूजन और देवताओं की आराधना के साथ भोजन निर्माण का पहला ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। अब 19 अक्टूबर को द्वितीय ट्रायल के अंतर्गत संस्कृत विद्यालयों और चिकित्सालयों में भोजन का वितरण किया गया। यह योजना वाराणसी के प्रमुख चिकित्सालयों और कैंसर संस्थान में अप्रैल 2024 से ही तीमारदारों के लिए पैक्ड भोजन वितरण के रूप में शुरू की जा चुकी थी।
जम्मू कोठी स्थित रसोईघर की क्षमता 5000-6000 व्यक्तियों का भोजन तैयार करने की है, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक भोजन पहुंच सके। इस योजना का आधिकारिक शुभारंभ 20 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री जी के वाराणसी आगमन पर किया जाएगा। इस दिन 3000 लाभार्थियों को भोजन वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे बाद में बढ़ाकर 5000 लाभार्थियों तक किया जाएगा।
यह योजना समाज में सहयोग और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने नाट्यकोटम संस्था के सहयोग से इस योजना का संचालन करते हुए इसे सफल बनाने का संकल्प लिया है, ताकि समाज में सेवा और परोपकार की भावना को बल मिले।