हर जिले में बनेगा ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोनः मुख्यमंत्री

बजट 2026-27 में बड़ा प्रावधान, कौशल विकास से लेकर निवेश तक सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एलान, 50 से 100 करोड़ की लागत से विकसित होंगे समेकित रोजगार केंद्र

‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ से स्थानीय व्यंजनों को मिलेगा नया ब्रांडः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 20 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रत्येक जनपद में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ स्थापित करने का प्रावधान किया है। यह पहल लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर प्रदेश में रोजगार और निवेश को एकीकृत ढांचे में बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह जोन ऐसा समेकित केंद्र होगा, जहां कोई भी युवा आए उसे उसकी क्षमता के अनुसार कौशल विकास का प्रशिक्षण मिलेगा और उसी के अनुरूप रोजगार या स्वरोजगार की तैयारी भी कराई जाएगी। प्रत्येक जोन पर लगभग 50 से 100 करोड़ रुपये तक व्यय किया जाएगा। इसके लिए लगभग 100 एकड़ भूमि, जो जनपद मुख्यालय से अत्यधिक दूर न हो, उपलब्ध कराई जाएगी।

एक ही परिसर में निवेश, प्रशिक्षण और रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सेवायोजन कार्यालय अलग-अलग होते थे और वास्तविक रूप से रोजगार सृजन में सीमित भूमिका निभा पाते थे। उद्योग विभाग की गतिविधियां भी बिखरी हुई थीं। अब इन सभी व्यवस्थाओं को एक ही छत के नीचे संचालित किया जाएगा। ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ में कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब, प्रोडक्ट डिस्प्ले एवं डिजाइन सेंटर, प्रशिक्षण केंद्र और निवेश सहायता केंद्र जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे निवेश आकर्षित करने, कौशल विकास और रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया एकीकृत और प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तर प्रदेश को नई औद्योगिक पहचान देने वाला कदम बताया।

‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ से पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ योजना के लिए भी प्रावधान किया गया है। ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ की अवधारणा के तहत प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मेरठ की रेवड़ी और गजक, हाथरस की हींग, हापुड़ के पापड़, प्रयागराज के अमरूद, बलिया का हलवा और जौनपुर की इमरती जैसे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाई जाएगी। यह पहल ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की तर्ज पर आगे बढ़ाई जाएगी।

महिला उद्यमिता को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ योजना को महिला उद्यमिता सशक्तिकरण से भी जोड़ा जाएगा। स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास, निवेश प्रोत्साहन, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और महिला सशक्तिकरण इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को रोजगार और उद्यमिता का सशक्त मॉडल बनाया जा रहा है। बजट 2026-27 इसी समेकित विकास दृष्टि को आगे बढ़ाने वाला है।

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