बिजली निजीकरण के विरोध में संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

वाराणसी, 26 अप्रैल। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश, वाराणसी के पदाधिकारियों ने आज मा० दयाशंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’ (राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार) और विधायक नीलकंठ तिवारी को बिजली के निजीकरण के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। संघर्ष समिति के सह-संयोजक श्री नरेंद्र वर्मा और श्री वेद प्रकाश राय के नेतृत्व में दिया गया ज्ञापन निजीकरण प्रक्रिया को जनहित में निरस्त करने की मांग करता है। समिति ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर औद्योगिक अशांति और कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।

मीडिया प्रभारी अंकुर पांडेय ने बताया कि वाराणसी के कई पार्षदों, जैसे फरजाना (काजीसदुल्लापुरा), अमित कुमार मौर्य (ढेलवरिया) और बबलू शाह (काशी घसियारिटोला), ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को सरकारी नियंत्रण में बनाए रखने का अनुरोध किया है।

संघर्ष समिति के सह-संयोजक श्री वेद प्रकाश राय ने बताया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को 150 दिन हो चुके हैं, लेकिन प्रबंधन ने वार्ता तक नहीं की। वहीं, मथुरा में संविदा कर्मियों ने सामूहिक त्यागपत्र दे दिया। श्री मदन लाल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि अवैध ढंग से ट्रांजैक्शन कंसलटेंट की नियुक्ति कर निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

संघर्ष समिति ने स्मार्ट मीटर और फेशियल अटेंडेंस के जरिए कर्मचारियों पर दबाव बनाने का विरोध किया और कहा कि यह इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 का उल्लंघन है। पहलगाम आतंकी घटना के कारण स्थगित विरोध सभाएं 28 अप्रैल से पुनः शुरू होंगी।
प्रतिनिधि मंडल में नरेंद्र वर्मा, वेद प्रकाश राय, संतोष वर्मा, मदन श्रीवास्तव सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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