
इंस्पेकर समेत फर्जी ओएसडी पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
तीन अन्य पर भी केस दर्ज
वाराणसी-( काशीवार्ता) – सारनाथ थाना अंतर्गत पहड़िया। स्थित अपार्टमेंट में जुआ खेलने की सूचना पर पहुंचे तत्कालीन इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता व उनके साथ सीएम का फर्जी ओएसडी बना चौबेपुर निवासी धर्मेंद्र चौबे समेत कुछ अज्ञात पर 41 लाख की लूट के आरोप समेत अन्य धाराओं में सारनाथ थाना प्रभारी विवेक कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप है कि बीते दिनों पहड़िया स्थित रूद्रा हाईट्स अपार्टमेंट में जुआ खेलने की सूचना पर इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता साथी धर्मेंद्र चौबे के साथ अपार्टमेंट में पहुंचे। जुआ खेल रहे कारोबारियों को धमकाकर 41 लाख लेकर चलते बने। पैसे लेकर निकलते वक्त अपार्टमेंट की लिफ्ट के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में दोनों स्पष्ट रूप से कैद हुए। धर्मेंद्र चौबे के हाथ में दो बैग था जिसमें पैसे थे। आरोप है कि धर्मेंद्र चौबे कथित पत्रकार है और अपार्टमेंट में प्रवेश के दौरान को उसने अपना परिचय मुख्यमंत्री योगी का ओएसडी के रूप मे दिया था। मामला संज्ञान और सीएम का फर्जी ओएसडी बने धर्मेंद्र चौबे पर 41 लाख धमका कर लेने का आरोप इंस्पेक्टर समेत फर्जी ओएसडी पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार में आने के बाद कमिश्नरेट पुलिस की जमकर किरकिरी हुई थी। आनन-फानन में पहले सारनाथ थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता को लाइन हाजिर कर दिया गया उसी दिन शाम को क्राइम मीटिंग के बाद निलंबित कर दिया गया। सीपी ने पूरे प्रकरण की जांच डीसीपी वरुणा जोन का सौंपी। अभी जांच चल ही रही थी कि गुरुवार को एक लेटर तेजी से वायरल हुआ जिसमें परमहंस गुप्ता के सीबीसीआईडी में तबादला होने का था। आरोप है कि कमिश्नरेट पुलिस को गुमराह कर उसने सेटिंग से ये काम किया ताकि जांच से बच जाये। मामला संज्ञान में आने के बाद और डीसीपी की रिपोर्ट में पुष्टि होने पर आरोपी तत्कालीन इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता और सीएम का फर्जी ओएसडी बना कथित पत्रकार धर्मेद्र चौबे समेत अन्य के खिलाफ सरनाथ थाना प्रभारी की तहरीर पर लूट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगा दी गयी है। दोनो आरोपित भूमि गत।
