काशी के रिक्शा चालकों ने अपनी व्यथा लेकर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के घर पहुंचे ,अजय राय ने दिया न्याय का भरोसा बोले गरीबों की आवाज़ दबने नहीं देंगे

वाराणसी।आज दिनांक 21 अगस्त को कड़ी मेहनत और पसीने से शहर को चलाने वाले रिक्शा चालकों की दर्द प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के दरवाज़े पहुँच गई। गुरुवार को बड़ी संख्या में रिक्शा चालक अपने दुख-दर्द को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के लहुराबीर स्थित आवासीय कार्यालय पहुँचे।

…..प्रदेश अध्यक्ष अजय राय लखनऊ में संगठनात्मक कार्यों में व्यस्त थे। लेकिन जैसे ही उन्हें सूचना मिली कि रिक्शा चालकों का जत्था अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालय पहुँचा है, उन्होंने तत्काल महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे को निर्देशित किया कि वे मौके पर पहुँचकर चालकों की पीड़ा सुनें और समाधान का भरोसा दिए।

…..रिक्शा चालकों बंधुओं ने भावुक होकर बताया कि मैदागिन से गोदौलिया तक रिक्शा चलाने वाले अधिकांश गरीब परिवारों का पेट इसी रोज़ी-रोटी से पलता है। लेकिन पुलिस की मनमानी ने उनकी कमर तोड़ दी है।उन्हें कभी डंडे से पीटा जाता है,कभी गालियाँ देकर भगा दिया जाता है,टायर की हवा निकाल देना और सूजा घुसा देना रोज़ की बात है।ऊपर से वसूली का धंधा अलग। हर दिन की कमाई से जबरन हिस्सा माँगना अब पुलिस की आदत बन चुकी है।एक रिक्शा चालक ने गुस्से और आँसुओं से भरी आवाज़ में कहा – “हम गरीब पेट पालने के लिए रिक्शा चलाते हैं, लेकिन पुलिस हमें अपराधी की तरह तंग करती है। अगर यही हाल रहा तो हमारे बच्चों को भूखे मरना पड़ेगा।

वीडियो कॉल के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने पीड़ितों से वार्ता कराया

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा की काशी मेरी धरती है, यहाँ का हर रिक्शा चालक, हर मजदूर मेरा भाई है। उनके साथ अन्याय और अत्याचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।कांग्रेस का हाथ हमेशा मज़दूर, किसान और गरीब के साथ खड़ा रहेगा।वाराणसी की सड़कों को दिन-रात अपने पसीने से चलाने वाले रिक्शा चालक आज पुलिस की लाठियों और अवैध वसूली के शिकार हैं। यह वही पुलिस है जिसे गरीब की सुरक्षा करनी चाहिए थी, लेकिन योगी-मोदी की सरकार ने इसे गरीबों का दुश्मन बना दिया है।गरीब रिक्शा वाला सुबह से रात तक सिर्फ दो वक्त की रोटी के लिए पसीना बहाता है, लेकिन सरकार ने उसका हक़ छीनने की ठान ली है। पुलिस कभी उसके टायर की हवा निकालती है, कभी उसके रिक्शे को तोड़ देती है, कभी उसकी जेब से जबरन पैसे वसूलती है। यह गरीब के पेट पर लात मारने जैसा है।वाराणसी का हर रिक्शा चालक मेरा अपना भाई है। उनके सम्मान और रोज़ी-रोटी की लड़ाई कांग्रेस पूरी ताक़त से लड़ेगी। मोदी-योगी सरकार ने अगर इस अन्याय को नहीं रोका, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। गरीब की थाली में सेंधमारी करने वाली इस सरकार को अब जवाब देना ही होगा।

महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा की रिक्शा चालक समाज सबसे मेहनतकश तबका है। वे सूरज निकलने से पहले रिक्शा खींचना शुरू कर देते हैं और रात गहराने तक अपने परिवार के लिए पसीना बहाते हैं। लेकिन दुख की बात है कि मोदी-योगी की सरकार ने इन गरीबों को सिर्फ पुलिसिया जुल्म और अत्याचार ही दिया है।डंडे से मारना, गाली-गलौज करना, हवा निकाल देना, जबरन वसूली करना – यही इस सरकार की पहचान बन गई है। क्या यही रामराज्य है जिसका ढोल पीटा जा रहा है? जब गरीब रिक्शा वाला ही सुरक्षित नहीं है तो किसका विकास हो रहा है?रिक्शा चालकों साथ जो अन्याय हो रहा है, उसे अब कांग्रेस चुपचाप नहीं देखेगी। कल हम पुलिस आयुक्त वाराणसी से मिलकर पूरी शिकायत रखेंगे और दोषियों पर कार्रवाई कराएंगे। कांग्रेस आपकी लड़ाई लड़ेगी।रिक्शा वालों पर अगर एक भी अन्याय हुआ तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा जनांदोलन खड़ा करेगी कि इस सरकार को झुकना पड़ेगा। रिक्शा वालों की पीड़ा हमारी पीड़ा है और उनका संघर्ष अब कांग्रेस का संघर्ष है। गरीब की आह किसी भी सरकार को बख्शती नहीं है, और यह सरकार भी अब उसके परिणाम भुगतेगी।

TOP

You cannot copy content of this page