
मनोयोग व अनुशासन से प्रशिक्षण लेकर बनाए रखे ,दी अनुशासन की सीख-सीपी
वाराणसी-(काशीवार्ता)-नवचयनित आरक्षियों के ट्रेनिंग की शुरुआत पुलिस लाइन में हुई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने आरक्षियों को पुलिस की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और व्यावसायिक दक्षता की भावना को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस देशभर में अपनी अनुशासनप्रियता, दक्षता और सेवा भावना के लिए जानी जाती है। इसका अंग बनना प्रत्येक प्रशिक्षु के लिए गर्व की बात है।” उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण काल जीवन का स्वर्णिम अवसर (गोल्डन पीरियड) है, जिसमें आरक्षियों के शारीरिक, मानसिक और तकनीकी कौशल का व्यापक विकास होता है। पुलिस कमिश्नर ने प्रशिक्षुओं को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान संविधान, कानून, दंड प्रक्रिया संहिता एवं पुलिस नियमावली की गहन जानकारी के साथ-साथ सीडीआर विश्लेषण, सर्विलांस तकनीक, साइबर अपराध नियंत्रण जैसे तकनीकी विषयों पर भी गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के तकनीकी युग में पुलिस को साइबर अपराधियों से एक कदम आगे रहना होगा, जिसके लिए तकनीकी रूप से दक्ष बनना अनिवार्य है।उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, सहकार्य और आत्मविकास को प्राथमिकता दें। यह भी बताया गया कि प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और अनुभवी प्रशिक्षक समय-समय पर मार्गदर्शन देंगे, जिससे प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक और सैद्धांतिक दोनों पहलुओं में दक्षता प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन परिसर पूर्ण रूप से सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित है, अतः सभी प्रशिक्षु अपनी हर गतिविधि के प्रति सजग और उत्तरदायी रहें। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आपसी विवादों से बचने और नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। सोशल मीडिया नीति को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी, फोटो या वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा न किया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीकी पृष्ठभूमि (जैसे बीटेक या अन्य तकनीकी डिग्रीधारी) वाले प्रशिक्षुओं के लिए पुलिस बल में आगे बढ़ने के अनेक अवसर मौजूद हैं। प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कार, मेडल एवं विशेष सम्मान प्रदान किए जाएंगे, ताकि उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना बनी रहे और सेवा में उत्कृष्टता को बढ़ावा मिले।
अंत में पुलिस कमिश्नर ने प्रशिक्षुओं से आग्रह किया कि वे पूरे मनोयोग, ईमानदारी और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण लें और उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रतिष्ठा एवं गरिमा को बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस दौरान डीसीपी (लाइंस) प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त (लाइंस) वैभव बांगर, सहायक पुलिस आयुक्त (लाइंस) ईशान सोनी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।