रिक्रूट आरक्षी भावी संरचना को देंगे आकार, बनेंगे गेम चेंजरः डीजीपी

प्रदेश के प्रत्येक थाने पर औसतन 25 प्रशिक्षित आरक्षी उपलब्ध होंगे

गेम चेंजर की भूमिका में रहेंगे एवं आने वाले 30 से 40 वर्षों तक उत्तर प्रदेश पुलिस व समाज को आकार देंगें

जनसुनवाई को प्रभावी बनाएं और निर्धारित समय में समस्याओं का निपटारा करें

वाराणसी -(काशीवार्ता)- वाराणसी दौरे पर आये सूबे के डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस लाइन में रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं को देखा। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने मातहतों के साथ अपराध समीक्षा के साथ ही अन्य विकास कार्यों की जानकारी ली। ज्वाइन ट्रेनिंग कोर्स (जेटीसी) भ्रमण के दौरान डीजीपी ने कहा कि रिक्रूट आरक्षियों का प्रशिक्षण सिर्फएक औपचारिकता नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी संरचना को दिशा देने वाला ऐतिहासिक अवसर है। इसे पूरी प्रतिबद्धता, दक्षता व नेतृत्व क्षमता के साथ क्रियान्वित किया जायेगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रशिक्षुओं को अपने अनुभवों का नेतृत्व प्रदान करें । क्योंकि ये जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर होता है। डीजीपी ने बताया कि प्रशिक्षण मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश दिया।


डीजीपी ने कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए 10 मुख्य प्राथमिकताओं पर मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिया। अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध जीरो टालेरेंस की नीति अपनायी जाए
महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाये । महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान व सुरक्षा जरूरीद्ध जनिशकायतों का लंबित नहीं रखा जाए और समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति कोई सहानुभूति नहीं बरती जाये साइबर अपाराधों पर कार्यवाही साथ ही लोगों को जागरूक किया जाए।
आमजन को दी जाने वाले पुलिस सेवाओं को और अधिक सरल, पारदशी व उत्तरदायी बनाया जाये । आम नागरिकों के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा वह स्वयं के लिये अपेक्षित हो।पुलिसबल के अधिकारियों व कर्मचारियों की सुविधा, मनोबल और प्रेरणा के लिए प्रशासनिक व कल्याण योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाये।
अनुभवी व विशेषज्ञ पुलिस अधिकारियों/कर्मियों की पहचान कर उनकी प्रतिभा का सदुपयोग किया जाये ।स्मार्ट पुलिसिंग के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस का उपयोग कर डाटा आधारित निर्णय क्षमता को सशक्त किया जाये पुलिसकर्मियों को नवीनतम चुनौतियों के लिये तैयार किया जाए। साथ ही कानून तोड़ने वालों के प्रति किसी तरह की सहानभूति न बरती जाय।
इस दौरान पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल, एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया, एडिशनल सीपी लॉ एंड आर्डर शिवहरी मीणा, एडिशनल सीपी क्राइम राजेश सिंह, डीआईजी वैभव कृष्ण समेत अन्य पुलिस अधिकारी रहे।

TOP

You cannot copy content of this page