
पीला कार्ड रद्द करने को नगर निगम ज़ोनल कार्यालय को पत्र लिखा
विशेष प्रतिनिधि
वाराणसी (काशीवार्ता) पिछले चार दशक से सरकारी जमीन को अवैध फूलमंडी के कब्जे से मुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इस बाबत वरुणा पार ज़ोनल कार्यालय को पत्र भेज कर भू माफिया के पीले कार्ड को निरस्त करने की संस्तुति की जा चुकी है।
बताया जाता है कि नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने ज़ोनल अधिकारी वरुण पार को भेजे पत्र में विशाल दुबे को पीला कार्ड जारी करने के आधार की जाँच कर कार्ड निरस्त करने का निर्देश दिया है। अगर इस मामले की गहराई से जाँच होगी तो वरुणा पार ज़ोनल ऑफिस के तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी भी फँसेंगे। बहरहाल, इंग्लिशिया लाइन-मलदहिया मार्ग पर पिछले चालीस साल से संचालित अवैध फूलमंडी को हटाए जाने का रास्ता साफ हो चुका है।
ज्ञात हो कि करीब आठ बिस्वे में फैली उक्त मंडी की जमीन रक्षा संपदा विभाग की है। जिसकी देखरेख का जिम्मा नगर निगम के पास है। पहले राजाराम दुबे नामक व्यक्ति ने अस्सी के दशक में इस ज़मीन पर फूल मंडी बसायी। किसानो से शुल्क लेकर उन्हें यहाँ व्यवसाय करने का अवसर दिया गया। खैर, नगर निगम इस जमीन की कीमत 200 करोड़ रुपये आंकी है। विदित हो कि पिछले दिनों “काशीवार्ता” ने जब इस मामले का भंडाफोड़ किया था। तब नगर निगम की तन्द्रा टूटी। इसके बाद ताबड़तोड़ और नोटिसों का दौर शुरू हुआ।
