श्रावण मास की तैयारी: श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन सतर्क,मैदागिन से गोदौलिया तक नो व्हीकल जोन, दिव्यांगों व वृद्धों के लिए गोल्फकार्ट, सीसीटीवी व साउंड सिस्टम की व्यवस्था

वाराणसी (काशीवार्ता)। श्रावण मास में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंडलायुक्त एस. राजलिंगम व पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

श्रद्धालुओं की भीड़ को सुचारु रूप से नियंत्रित करने के लिए मैदागिन से गोदौलिया तक नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है। क्षेत्र में ई-रिक्शा और पैडल रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग प्रणाली अपनाई जाएगी। हर सोमवार को स्पर्श दर्शन नहीं होगा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

दिव्यांगों और वृद्धजनों की सुविधा हेतु मैदागिन व गोदौलिया से गोल्फकार्ट सेवाएं संचालित की जाएंगी। दर्शनार्थियों के लिए पेयजल, छाया और बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सभी मार्गों, गलियों और मंदिर कॉरिडोर में प्रकाश व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को पुख्ता किया जाएगा।

सेंट्रलाइज्ड साउंड सिस्टम और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ छह प्रमुख स्थानों को चिह्नित कर घोषणा प्रणाली की स्थापना की जाएगी। साथ ही घाटों पर खोया-पाया केंद्र और चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एनडीआरएफ, जल पुलिस व चिकित्सीय टीम की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

मंडलायुक्त ने सभी दुकानों पर रेट चार्ट प्रदर्शित करने और पार्किंग व्यवस्था को हरिश्चंद्र कॉलेज, नागरी प्रचारिणी व सनातन धर्म इंटर कॉलेज जैसे स्थानों पर संचालित करने के निर्देश दिए। दर्शनार्थियों को नन्दूफ़ारिया, अन्नपूर्णा, सरस्वती व भैरव द्वार से प्रवेश मिलेगा, जबकि काशी द्वार से स्थानीय लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा।

बैठक से पूर्व अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास का निरीक्षण किया। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त, मुख्य चिकित्साधिकारी, सीईओ विश्वभूषण मिश्र, एडीएम सिटी आलोक वमी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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