
वाराणसी-(काशीवार्ता)-अपराध और अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत चोलापुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बुधवार की शाम गड़सरा से धरसौना जाने वाले मार्ग पर एक ऑटो की तलाशी के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इनके पास से कुल 56.40 ग्राम अवैध स्मैक, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और 16,27,540 रुपये नकद बरामद किए गए। बरामद स्मैक की कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश और पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत हुई। अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली थी कि नशीले पदार्थ की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान भोला यादव उर्फ राकेश यादव निवासी चोलापुर, इन्द्रजीत सिंह निवासी ग्राम पवारेपुर धरौना के रूप में हुई। उनके साथ एक महिला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पकड़ने के बाद उनके पास से 70 पुड़िया स्मैक बरामद की गई, जिसका कुल वजन 56.40 ग्राम था। इसके अलावा 16 लाख 27 हजार 540 रुपये नकद और ऑटो (UP65MT 2579) भी जब्त किया गया। मौके से एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और छोटी कटोरी भी मिली, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थ का वजन करने में किया जाता था।पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी भोला यादव का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ पूर्व में वाराणसी के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेश के गैंग से जुड़े हैं। राजेश जेल में बंद है। उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में उसके पिता, पत्नी और ऑटो चालक शामिल हैं। तीनों नशीला पदार्थ खरीदकर आसपास के इलाके में इसकी बिक्री करते थे। तीनों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। तीनों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद, उपनिरीक्षक प्रद्युम्न राय, उपनिरीक्षक हरेन्द्र सिंह सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही। महिला आरक्षी विमला और प्रियांशी गोड़ को भी टीम में लगाया गया था ताकि महिला आरोपी को हिरासत में लेने में कोई दिक्कत न हो।