महिला में केरल व पुरुष में रेलवे में ओवर आल चैंपियन का खिताब

महिला वर्ग में रेलवे व पुरुष वर्ग में केरल बना उपविजेता

-हार्ड लाइन मैच में पंजाब और राजस्थान की टीमों का रहा दबदबा, कांस्य पदक पर जमाया कब्जा

आठ दिवसीय 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का समापन

-फाइनल मैच के दौरान खचाखच भरा रहा सिगरा स्टेडियम, गूंजती रही तालियों की गड़गड़ाहट

 ​वाराणसी। सिगरा स्टेडियम के इंडोर कोर्ट पर रविवार को आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का महिला फाइनल ऐतिहासिक बन गया। रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे इस मुकाबले में पुरुष वर्ग में जहां रेलवे के स्मैशर्स ने केरला की चुनौती को एकतरफा अंदाज में ध्वस्त कर खिताब पर कब्जा जमाया, वहीं महिला वर्ग के रोमांचक फाइनल में केरला ने रेलवे को हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।    इस प्रकार महिला वर्ग में रेलवे व पुरुष वर्ग में केरल को उपविजेता का तमगा पाकर संतोष करना पड़ा । जब कि हार्ड लाइन मैच में पंजाब और राजस्थान की टीमों का रहा दबदबा रहा । 

नगर निगम की ओर से अयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विजेता टीमों को ट्रॉफी और पदक प्रदान किए।
रेलवे ने केरला को 3-0 से रौंदकर खिताब पर जमाया कब्जा
रेलवे की पुरुष टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए फाइनल मुकाबले में केरला को सीधे सेटों में 3-0 (25-19, 25-17, 25-19) से पराजित कर चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे मैच के दौरान रेलवे के खिलाड़ियों ने तालमेल और आक्रामक खेल का ऐसा नमूना पेश किया कि केरला की टीम एक बार भी मैच में वापसी नहीं कर सकी।
रेलवे की कप्तान अंगामुथु ने टीम की कमान संभालते हुए शुरुआती सेट से ही केरला पर मानसिक दबाव बनाया। उनके पावरफुल स्मैश मैच का टर्निंग पॉइंट रहे। ​रोहित कुमार शानदार खेल कौशल दिखाते हुए अंक जुटाए और टीम के आक्रमण को धार दी। ​जॉर्ज एंटनी नेट पर अपनी लंबाई और टाइमिंग का फायदा उठाते हुए केरला के हमलों को नाकाम किया।
​एमिल टी. जोसेफ कोर्ट के बीच से आक्रामक खेल का प्रदर्शन कर विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदा। ​समीर सीएच मैच के अंतिम क्षणों में निर्णायक अंक बटोरकर टीम की जीत सुनिश्चित की।​आनंद के. ने लिबरो के रूप में कोर्ट पर बिजली जैसी फुर्ती दिखाई और कई ‘इम्पॉसिबल’ गेंदों को उठाकर खेल में जान फूंकी। ​उप-विजेता रही केरला की टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन लय नहीं पकड़ सकी। केरला के ​सेथु टी.आर. कप्तान के तौर पर संघर्ष किया और अपनी टीम के लिए प्रमुख स्कोरर रहे। ​एरीन वर्गीस रेलवे के ब्लॉकर्स को छकाकर कुछ अच्छे अंक हासिल किए। ​मुजीब एम.सी. व राहुल के. ने तालमेल के साथ रेलवे के आक्रमण को रोकने का प्रयास किया। ​
केरल की बेटियों ने भारतीय रेलवे को 3-2 से दी शिकस्त
​वाराणसी के सिगरा स्टेडियम के इंडोर कोर्ट पर रविवार को आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का महिला फाइनल ऐतिहासिक बन गया। रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे इस मुकाबले में केरल की बेटियों ने अपने प्रतिद्वंद्वी भारतीय रेलवे को 3-2 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया। पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करने वाली केरल की टीम ने निर्णायक सेट में रेलवे को कोई मौका नहीं दिया।
​मुकाबले की शुरुआत रेलवे के पक्ष में रही, जहां उन्होंने पहला सेट 25-22 से जीतकर अपनी मंशा साफ कर दी। इसके बाद केरल ने जोरदार पलटवार किया और लगातार दो सेट 25-20 और 25-15 से जीतकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। चौथे सेट में रेलवे ने फिर वापसी की और 25-22 से जीतकर मैच को निर्णायक पांचवें सेट में धकेल दिया। हालांकि, अंतिम सेट में केरल के दमदार स्मैश और डिफेंस के आगे रेलवे बेबस दिखी और केरल ने 15-8 से सेट जीतकर चैंपियनशिप की ट्रॉफी उठा ली।
केरल की इस खिताबी सफलता के पीछे टीम की एकजुटता और रणनीतिक कौशल का बड़ा हाथ रहा। टीम की जीत की मुख्य सूत्रधार रहीं अनुश्री ने अपनी कलाई के जादू और आक्रामक स्मैश से रेलवे के डिफेंस को पस्त कर दिया। हर निर्णायक मोड़ पर अनुश्री के सटीक प्रहारों ने केरल की झोली में अंक डाले। वहीं, डिफेंस की कमान शिवप्रिया जी. ने संभाली थी। लिबरो की भूमिका में शिवप्रिया ने मैदान पर गजब की फुर्ती दिखाते हुए रेलवे के तेज तर्रार हमलों को न सिर्फ रोका, बल्कि उन्हें काउंटर अटैक में तब्दील करने का मौका भी बनाया। ​नेट पर अनघा आर. एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ी रहीं। उनकी शानदार ब्लॉकिंग के कारण रेलवे की अनुभवी खिलाड़ी भी अंक चुराने के लिए संघर्ष करती दिखीं। खेल के बीच के ओवरों में जब मैच फंसता नजर आया, तब नंदना वी. और अन्ना मैथ्यू ने अपने अनुभव का परिचय दिया। इन दोनों खिलाड़ियों ने तालमेल बिठाते हुए कोर्ट के कोनों का बखूबी इस्तेमाल किया और स्कोरबोर्ड को निरंतर चलायमान रखा। शुरुआती लय बनाने में एन वी जैकब का योगदान भी सराहनीय रहा, जिन्होंने सर्विस और पासिंग के जरिए टीम को वह आधार प्रदान किया, जिस पर जीत की बुलंद इमारत खड़ी हुई। कोच डॉ. सदानंदन सी.एस. के मार्गदर्शन में इन छह खिलाड़ियों ने मैदान पर जो अनुशासन और जज्बा दिखाया, उसी का परिणाम है कि आज केरल की टीम नेशनल चैंपियन के रूप में उभरकर सामने आई है।
अंत में बिखर गया रेलवे का तालमेल
​भारतीय रेलवे जैसी मजबूत टीम का फाइनल में हारना खेल प्रेमियों के लिए चौंकाने वाला रहा। मैच जब पांचवें और निर्णायक सेट में पहुंचा, तो रेलवे की टीम दबाव में बिखर गई। जहां केरल ने आक्रामकता दिखाई, वहीं रेलवे के खिलाड़ी रक्षात्मक हो गए। रेलवे की हार का सबसे बड़ा तकनीकी कारण उनका ‘फर्स्ट पास’ रहा। केरल की तेज सर्विस को रिसीव करने में रेलवे की खिलाड़ी कई बार नाकाम रहीं। इसके अलावा, चौथे सेट के बाद रेलवे ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर सर्विस नेट में मारी या बाहर फेंकी, जिससे केरल को मुफ्त के अंक उपहार में मिले। वहीं केरल की अनुश्री के.पी. और अन्ना मैथ्यू के पावरफुल स्मैश को रोकने में रेलवे की फ्रंट लाइन असफल रही। नेट पर रेलवे के ब्लॉकर्स और डिफेंडर्स के बीच तालमेल की कमी दिखी, जिसका फायदा उठाकर केरल ने बार-बार रेलवे के खाली क्षेत्रों (डेथ जोन) में गेंद गिराई।
स्कोर कार्ड:
*केरला बनाम रेलवे
3-2 ((22-25,25-20,25-15,22-25,15-8)

पंजाब और राजस्थान ने बिखेरा जलवा, दोनों टीमों ने जीते कांस्य पदक
-पुरुष वर्ग में सर्विसेज को हराकर पंजाब 3-0 से करारी शिकस्त
-महिला वर्ग में राजस्थान ने हरियाणा को चटाई धूल, तीसरे स्थान पर जमाया कब्जा
चैंपियनशिप के अंतिम दिन रविवार को टूर्नामेंट (हार्ड लाइन मैच) मुकाबलों में पंजाब और राजस्थान की टीमों ने अपना दबदबा कायम करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। पुरुष वर्ग में जहां पंजाब ने सर्विसेज को धूल चटाई, वहीं महिला वर्ग में राजस्थान ने हरियाणा को पटखनी दी।
​पंजाब ने सर्विसेज को किया पस्त:
पुरुष वर्ग के कड़े मुकाबले में पंजाब की टीम ने अपना दबदबा कायम रखते हुए सर्विसेज को सीधे सेटों में 3-0 से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही पंजाब ने टूर्नामेंट में तीसरा स्थान (हार्ड लाइन मैच) सुरक्षित कर लिया है। पूरे मैच के दौरान पंजाब के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन किया।
मैच की शुरुआत से ही पंजाब के खिलाड़ी हावी रहे। पहले सेट में पंजाब ने 25-21 से जीत दर्ज कर बढ़त बनाई। दूसरे सेट में सर्विसेज ने वापसी की कोशिश की, लेकिन पंजाब के डिफेंस के आगे उनकी एक न चली और पंजाब ने यह सेट 25-23 से अपने नाम किया। तीसरे सेट में पंजाब ने पूरी तरह से खेल पर नियंत्रण रखा और 25-18 के स्कोर के साथ मैच और पदक अपने नाम कर लिया।
​ पंजाब के लिए जसजोत सिंह और प्रीत करन ने स्मैश का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं कुलदीप सिंह और प्रिंस ने नेट पर मजबूत दीवार खड़ी की। जसकरण सिंह की सर्विस ने सर्विसेज के रिसीवर्स को काफी परेशान किया, जबकि लिबरो के रूप में जगसीर सिंह ने मैदान पर फुर्ती दिखाते हुए बेहतरीन डिफेंस किया।
​दूसरी ओर सर्विसेज की ओर से विक्रम और शिखर सिंह ने कई मौकों पर अंक बटोरकर टीम को वापस लाने की कोशिश की। नरेश कुमार और चिराग एस. कुमार का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा। डिफेंस की जिम्मेदारी लिबरो रोहन एंथोनी ने बखूबी संभाली, लेकिन वे पंजाब की आंधी को रोकने में नाकाम रहे।
​स्कोर कार्ड:

​पंजाब बनाम सर्विसेज: 25-21, 25-23, 25-18

राजस्थान की हरियाणा पर शानदार जीत:
​महिला वर्ग के हार्डलाइन मुकाबले में राजस्थान की टीम ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए हरियाणा को 3-1 से पराजित कर टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल किया। पूरे मैच के दौरान राजस्थान की खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और हरियाणा को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।
​राजस्थान ने मैच की शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। शुरुआती दो सेटों में राजस्थान ने हरियाणा को एकतरफा अंदाज में 25-14 और 25-12 से शिकस्त दी। हालांकि, तीसरे सेट में हरियाणा ने वापसी की कोशिश की और 20-25 से सेट अपने नाम किया, लेकिन चौथे सेट में राजस्थान ने फिर से लय पकड़ी और 25-14 से सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
​​राजस्थान टीम की ​गुंजन रानी मुख्य सूत्रधार रहीं, उनके सटीक पास और तालमेल ने हरियाणा के डिफेंस को पस्त कर दिया। ​आयुषी भंडारी और रितु बिजारणिया ने नेट पर दीवार की तरह काम किया और स्मैश के जरिए अंक बटोरे। ​राजानी ने सर्विस और डिफेंस में बेहतरीन संतुलन दिखाया। ​कविता देवी और पूजा खेल के महत्वपूर्ण मोड़ पर अंक दिलाकर टीम को मजबूती दी। ​प्रीति मिश्रा डिफेंस की कमान संभालते हुए हरियाणा के कड़े प्रहारों को बखूबी रोका। हरियाणा की ओर से पूजा संघर्ष की कमान संभाली और टीम के लिए सबसे सक्रिय नजर आईं। ​अल्पना और तमन्ना ने तीसरे सेट में शानदार खेल दिखाकर टीम की उम्मीदें जगाई थीं।
​​स्कोर कार्ड: राजस्थान बनाम हरियाणा (25-14,25-12,20-25,25-14)

71वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल मैच पुरुष वर्ग में राजस्थान तथा महिला वर्ग में केरल रही विजेता
71वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन 2 से 9 फरवरी, 2023 तक गुवाहाटी (असम) के सरुसजाई इंडोर स्टेडियम में आयोजित हुई थी। इसमें पुरुष वर्ग में राजस्थान तथा महिला वर्ग में केरल विजेता थी वही पुरुष वर्ग में सर्विसेज तथा महिला वर्ग में भारतीय रेलवे उपविजेता थी ।
पुरुष वर्ग में राजस्थान ने फाइनल में सर्विसेज को 3-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। वहीं ​महिला वर्ग में केरल की टीम ने भारतीय रेलवे की मजबूत टीम को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ब्रजेश पाठक, स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेन्द्र राय, वरिष्ठ पत्रकार हेंमत शर्मा, गुजरात के पूर्व विधायक जगदीश पटेल, बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह, पूर्व महापौर कोशलेंद्र सिंह, रामौतार जाखड़, रामानुज चौधरी, अभिमन्यु सिंह, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जयशंकर शर्मा, अजय तिवारी, सुनील तिवारी, पार्षद सहित अन्य जनप्रतिनिथियों व नगर निगम के अधिकारियों और खेल जगत की हस्तियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष व महापौर अशोक कुमार तिवारी व धन्यवाद ज्ञापन सचिव सर्वेश पांडेय ने किया।

काशी ने पहली बार मेजबानी कर रचा इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ अभियान से प्रेरित नगर निगम ने ​धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित कर एक नया इतिहास रच दिया है। चार जनवरी को माननीय प्रधानमंत्री ने इसका वर्चुअल शुभारंभ किया था । वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भौतिक रूप से स्टेडिएम में आकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया था। आयोजन समिति के अध्यक्ष व महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश को 42 साल के लंबे इंतजार के बाद इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। ​इससे पहले साल 1984 में कानपुर ने सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप की सफल मेजबानी की थी। तब से लेकर अब तक प्रदेश के खेल प्रेमी इस बड़े आयोजन की राह देख रहे थे। खास बात यह है कि वाराणसी ही नहीं पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में पहली बार राष्ट्रीय स्तर वॉलीबॉल आयोजित हुआ । ​दशकों बाद यूपी में हुए इस आयोजन से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों में नया जोश भरा, बल्कि काशी के खेल बुनियादी ढांचे को भी नई पहचान दी है।

एक नजर में चैंपियनशिप
30 राज्यों का प्रतिनिधित्व
06 केंद्र शासित प्रदेश
1044 खिलाड़ी
30 टीमें पुरुष वर्ग में
28 टीमें महिला वर्ग में
100 मैच रेफरी
60 भारतीय वॉलीबॉल संघ के अधिकारी व चयनकर्ता
200 वालंटियर्स
20 बड़े व छोटे वाहन खिलाड़ियों के पिकअप, ड्राप और साइट सीन के लिए
700 कमरे होटलों में आरक्षित
2000 लोगों का रोजाना ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर
500 से अधिक होर्डिंग्स और यूनिपोल के माध्यम से प्रचार-प्रसार
02 क्रूज मेहमान खिलाड़ियों के गंगा दर्शन के लिए

08 स्टीमर गंगा आरती के लिए

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